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नलो में मीटर लगाने की योजना ठप्प, नहीं रुक रही पानी की बर्बादी

खपत के अनुसार आता पानी का बिल, लेकिन योजना सालों से है ठंडे बस्ते में

धमतरी । साल दर साल भूजल स्तर गिरता जा रहा है। जल संकट की समस्या बढ़ती जा रही है। बाउजूद इसके लोग जल संरक्षण के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे है। लोगों द्वारा रोजाना हजारों लीटर पानी की व्यर्थ ही बर्बादी की जाती है। यह बर्बादी सालों से हो रही है। इसे ही रोकने हेतु नगर निगम द्वारा सालों पहले निगम क्षेत्र के सभी नल कनेक्शनों में मीटर लगाने की योजना लाई गई थी। लेकिन यह योजना धरातल पर उतर नहीं पाई। बता दे कि निगम के पहले महापौर अर्चना चौबे के कार्यकाल मे योजना पर विचार हुआ फिर योजना को धरातल पर लाने की बात कही गई। लेकिन उस दौरान शहर में पाईप लाईन विस्तार का कार्य जारी था। कुछ महीने में ही पाईप लाईन का विस्तार किया जाना था, लेकिन धीमे गति से काम के कारण पाईप लाईन विस्तार में ही ज्यादा समय लग गया और यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। ऐसा नहीं है कि मीटर लगाने की योजना सिर्फ धमतरी नगर निगम के लिये थी बल्कि पूरे प्रदेश में नलो में मीटर लगाया जाना था। सभी जगह कार्य अटका हुआ है। मीटर लग जाने के फायदे और नुकसान भी लोग बताते रहे है। मीटर लग जाने से रोजाना, व्यर्थ बहने वाले पानी पर रोक लग पायेगी। लोग सीमित मात्रा में पानी खर्च करेंगे। लोगों में पानी बचाने की आदत पड़ेगी। इससे जल संकट के बढ़ते समस्या से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। लोग जल संरक्षण व उसकी महत्ता के प्रति जागरुक होंगे। वहीं नलों में मीटर लगाने के नुकसान यह है कि लोगों को पहले से कंही ज्यादा पानी का बिल चुकाना होगा। इसलिए इस योजना का विरोध भी हो सकता है। ज्ञात हो कि फिलहाल धमतरी में तो नलो में मीटर लगाने की योजना ठप्प पड़ी हुई है। लेकिन पूरे प्रदेश में योजना पर विचार नहीं हो रहा है। ऐसा नहीं है रायपुर नगर निगम में यह योजना अभी भी जीवित है। समय-समय पर इस पर चर्चा होती है। और यदि एक नगर निगम में योजना लागू हो गई तो अन्य निगमों में भी इस पर तेजी से अमल हो सकता है।

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