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नगर निगम के कांग्रेस शासित अवधि पर आमापारा पार्षद ने लगाया सवालिया निशान, कहा जनता के साथ कांग्रेस ने किया विश्वासघात , भाजपा पार्षदो ने की रखवाली

स्वेच्छाचारिता, हठधर्मिता, निरंकुशता के नाम रहा महापौर विजय देवांगन का कार्यकाल- विजय मोटवानी

5 वर्ष में तीन सामान्य सभा की बैठक जबकि पूर्व में 16 सामान्य सभा और दो विशेष सामान्य सभा की बैठक

नगर निगम के कार्यकाल के अंतिम दिवस 5 जनवरी को महापौर विजय देवांगन द्वारा निगम सभा कक्ष में लिए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सवालिया निशान उठाते हुए आमापारा वार्ड के पार्षद विजय मोटवानी ने कहा है शुरू के 4 वर्ष महापौर ने भाजपा के पार्षदों के साथ सौतेला व्यवहार किया है जिसका सबसे बड़ा उदाहरण उन्हें बैठने के लिए कैमरा तो दूर कुर्सी तक नहीं दिया क्या इसलिए वह बरामदे में बैठकर आम जनता की सेवा करते थे आगे श्री मोटवानी ने कहा कि कुर्सी की मोह तथा पद की लालसा कार्यकाल के अंतिम दिन भी उन्हें छोड़ नहीं पा रही है इसीलिए आज छुट्टी का दिन होते हुए भी निगम कार्यालय पहुंचे जहां उन्हें किसी प्रकार का कोई तवज्जो नहीं मिला ,क्योंकि 5 वर्ष का उनका कार्यकाल नगर की जनता निगम के चुने हुए पार्षद तथा अधिकारी कर्मचारियों के साथ स्वेच्छाचारिता से पूर्ण है हठधार्मीता के चलते निरंकुशता की भेंट चढ़ गई, जिसका खामियाजा निगम, 40 वार्ड तथा यहां की जनता व चुने हुए जनप्रतिनिधि भुक्तभोगी हैं। श्री मोटवानी ने आगे कहा है कि निगम में कांग्रेस शासित कार्यकाल में चुने हुए जनप्रतिनिधि सेवा करने नहीं बल्कि व्यापार के दृष्टिकोण से आए थे जिसमें प्रत्येक सामग्रियों जैसे हार्पिक, फिनाइल ,गार्डन चेयर, पेन, घड़ी सेल ,रबर, कार्बन 10 गुना ज्यादा रेट पर खरीदे गए हैं अनेक निर्माण कार्यों को तो कलेक्टर के आदेश पर या तो रिपेयरिंग किया गया या फिर से बनाया गया है, भाजपा सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए जनता की ओर से निगम में रखवाले की भूमिका अदा की है नहीं तो आज निगम की माली हालत और भी खराब हो जाती।

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