निगम के दो कार्यकाल के बाद भी विकास के कई कार्य नहीं हो पाये पूरे
हाईटेक बस स्टैण्ड, गोकुल नगरी, ट्रांसपोर्ट नगर, गोल बाजार का जीर्णोद्धार, मल्टी लेवल पार्किंग, सहव्यवसायिक परिसर का निर्माण आदि फाईलो तक ही रह गये सीमित

धमतरी। धमतरी नगरीय निकाय का एक और कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इस कार्यकाल में कई विकास के कार्य हुए वहीं कई विकास कार्य फाईलों तक ही रह गये। जिसे धरातल पर लाने नये कार्यकाल से उम्मीद बांधनी पड़ेगी।
बता दे कि 5 जनवरी को नगर निगम की सत्ता के कार्यकाल का अंतिम दिन था। अब चुनाव तक कलेक्टर नम्रता गांधी प्रशासक के रुप में निगम का कार्यभार संभाल रही है। धमतरी नगर पालिका के निगम बनने के बाद कार्यकाल की उपलब्धियों और नाकामियों को लेकर चर्चा हो रही है। पहला कार्यकाल भाजपा का रहा, दूसरा कार्यकाल कांग्रेस का रहा। दोनो कार्यकाल के बाद भी कई कार्य फाईलों तक ही सीमित है। यदि कई बड़े प्रोजेक्ट पर नजर डाले तो स्पष्ट होता है कि यह आज भी मांग ही बने हुए है। सालों पहले ही नया बस स्टैण्ड के स्थान पर अर्जुनी-खरतुली मार्ग पर हाईटेक बस स्टैण्ड बनाने हेतु जगह का चिन्हांकन कर लिया गया है। लेकिन फंड नहीं मिल पाने के कारण हाईटेक बस स्टैण्ड नहीं बन पाया वर्तमान में नया बस स्टैण्ड में जगह की कमी और शहर के भीतर होने के कारण अव्यवस्थित हो गया है। इसी प्रकार गोकुलनगर बसाना अत्यंत आवश्यक है। शहरवासी आवारा मवेशियों और शहर के भीतर संचालित डेयरियों की गंदगी से परेशान हो चुके है। गोकुलनगर बसाने सोरम में जगह फायनल की गई है। कई बार नगर बसाने टेंडर निकाला गया। लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। गोलबाजार जर्जर हो चुका है। जीर्णोद्धार की आवश्यकता है। लेकिन इस दिशा में साकारात्मक पहल नहीं हो पाई। नतीजन आज भी गोल बाजार अव्यवस्थित है। जहां यातायात बदहाल रहता है। मल्टी लेवल पार्किंग की आवश्यकता है। नागरिक बैंक के पीछे खाली जमीन पर पार्किंग व सहव्यवसायिक परिसर बनाने का प्लान सालों से है। लेकिन फंड नहीं मिल पाने के कारण योजना फाईलो तक ही सीमित रह गई है। इसी प्रकार ट्रांसपोर्ट नगर, स्वीमिंग पुल जैसे कई कार्य का हर साल निगम बजट में राशि का प्रावधान होता है लेकिन इससे आगे सफलता नहीं मिल पाती है।

