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आदमखोर तेंदुआ नहीं हो पाया पिंजरे में कैद


धमतरी। आदमखोर तेंदुए को पकडऩे वन विभाग द्वारा पांच जगहों पर ट्रैप कैमरा और एक जगह पिंजरा लगाया गया है। लेकिन तेंदुआ न तो कैमरे में कहीं नजर आया है न ही पिंजरे में कैद हो पाया है। गुरुवार को पठार के जंगल में तेंदुए के पंजे का निशान देखा गया। गौरतलब है कि मगरलोड के उत्तर सिंगपुर वन परिक्षेत्र में तेंदुए का आतंक है। पालतू जानवरों का शिकार करने के साथ ही इंसानों को भी अपना शिकार बनाना तेंदुए ने शुरु कर दिया है। करीब दो माह पहले 5 दिसंबर 2024 को ग्राम मड़ेली में घर में सो रही 65 वर्षीय कमार महिला को तेंदुआ घसीटकर जंगल में ले गया और उसके शरीर के आधे हिस्से को खा गया। इसके बाद ठीक दो माह के भीतर 1 फरवरी 2025 को रात ग्राम बेन्द्राचुवा के पास ग्राम सोनारिन दैहान का एक ग्रामीण तेंदुए का शिकार हो गया। एक के बाद एक दो लोगों का शिकार कर चुके आदमखोर तेंदुए के आतंक से इलाके के लोग दहशत में है। ग्रामीण दिन के समय में भी अकेले जंगल जाने से घबराने लगे है तो वहीं शाम होते ही गांव की गलियों में सन्नाटा पसरने लगा है। ग्रामीणों की मांग पर 4 फरवरी को ग्राम बेन्द्राचुवा के पास जंगल में पिंजरा लगाया गया है, तो वहीं जंगल में 5 अलग अलग जगहों पर ट्रैप कैमरा भी लगाए गए है। लेकिन आदमखोर तेंदुआ न तो कैमरे में कैद हो पाया है न ही पिंजरे में। पठार के जंगल में केवल उसके पंजों का निशान ही मिल पाया है। उत्तर सिंगपुर रेंजर पंचराम साहू ने बताया कि ट्रेप कैमरे में तेंदुे की तस्वीर कैद नहीं हो पाई है। पठार के जंगल में पंजे का निशान मिला है। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने कहा गया है। वहीं ग्राम पिपरौद, सोनारिनदैहान, पठार, मड़वापथरा व बेन्द्राचुवा में वाहन से लगातार गश्त किया जा रहा है। विभाग भरसक प्रयास तेंदुए को पकडऩे में कर रही है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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