Uncategorized

बीते 11 महीनों में जिला अस्पताल में हुए 1217 सिजेरियन, 2315 सामान्य प्रसव

स्मार्ट कार्ड से सिजेरियन प्रसव हटने के बाद जिला अस्पताल में बढ़ी गर्भवती मरीजो की संख्या


धमतरी। जिला अस्पताल धमतरी में न सिर्फ धमतरी बल्कि आसपास कई जिलों के मरीज उपचार कराने पहुंचते है। पिछले सालों में जिला अस्पताल में गर्भवती मरीजों की संख्या बढ़ी है।
मिली जानकारी के अनुसार साल अप्रैल 2024 से 25 फरवरी 2025 तक 11 महीनों में जिला अस्पताल में 1217 सिजेरियन और 2315 सामान्य प्रसव प्रसव हुए। इस प्रकार कुल 3532 प्रसव जिला अस्पताल में हुए है। पहले जब आयुष्मान कार्ड (स्मार्ट कार्ड) योजना में सिजेरियन प्रसव का पैकेज था तब ज्यादातर सिजेरियन प्रसव निजी अस्पतालों में भी होता था। लेकिन जब से सिजेरियन प्रसव को पैकेज से हटाया गया है। तब से गरीब व मध्यम तबके के ज्यादातर गर्भवती मरीज जिला अस्पताल पर आश्रित हुए है। ज्ञात हो कि निजी अस्पतालों में सिजेरियन प्रसव में 25 से 40 हजार तक का खर्च आता है। ऐसे में लोग जिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव कराने पहुंचते है। इसलिए सिजेरियन प्रसव की संख्या बढ़ी है। कई बार मरीज को रिफर भी किया जाता है। जिला अस्पताल में 11 महीनोंं में कुल 1 लाख 50680 मरीज उपचार कराने पहुंचे है। बता दे कि जिला अस्पताल धमतरी में वर्तमान में दो स्त्रीे रोग विशेषज्ञ और दो निश्चेतना विशेषज्ञ कार्यरत है।
1 लाख 65960 मरीजों की हुई पैथलॉजी जांच
जिला अस्पताल में कई प्रकार की सुविधायें सरकार द्वारा दी जाती है। जिनमें पैथालॉजी जांच भी महत्वपूर्ण है। पैथलॉजी के तहत खून व पेशाब जांच किया जाता है। जिला अस्पताल में ही पैथलॉजी लैब है। जहां रोजाना सैकड़ों मरीजों द्वारा जांच कराया जाता है। मिली जानकारी के अनुसार बीते 11 महीनों में जिला अस्पताल में 1 लाख 65960 मरीजों को पैथलॉजी जांच की सुविधा प्रदान की गई है। बता दे कि वैसे तो शहर में कई निजी पैथलॉजी लैब है। जहां हर प्रकार की पैथलॉजी जांच होती है। लेकिन मंहगे फीस के कारण ज्यादातर गरीब व मध्यम वर्गीय मरीज जिला अस्पताल में पैथलॉजी जांच कराते है।
12090 एक्स रे, 2923 सोनोग्राफी और 808 सीटी स्कैन हुए
जिला अस्पताल में पैथलॉजी के अतिरिक्त एक्स रे, सोनोग्राफी और सीटी स्कैन की सुविधा है। मिली जानकारी के अनुसार बीते 11 महीनों में जिला अस्पताल में 2374 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी हुई है। वहीं 549 अन्य मरीजों की सोनोग्राफी की गई है। इसी प्रकार कुल 2923 सोनोग्राफी हुए है। 12090 मरीजों का एक्स रे किया गया है। जबकि 808 मरीजों का सीटी स्कैन किया गया है। बता दे कि सिटी स्कैन और सोनोग्राफी हेतु नियमित रेडियों लॉजिस्ट की कमी खल रही है। मरीजों को जांच हेतु वेटिंग में रहना पड़ता है। एमरजेंसी में मरीजों को निजी सेंटरों से भी जांच करानी पड़ती है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!