जिले में अप्रैल 2019 के पूर्व के 1 लाख 80 हजार वाहन है रजिस्टर्ड, मात्र 1122 वाहनों में लगा नया नम्बर प्लेट
गाडिय़ों में हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगाने लोगों में जागरुकता है कम
आरटीओ दफ्तर भोयना व कलेक्ट्रट में कैम्प लगाकर कंपनी द्वारा लगाया जा रहा है हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट


धमतरी । सरकार द्वारा वाहनों की सुरक्षा को पुख्ता और हाईटेक करने के उद्देश्य से अब पुरानी गाडिय़ों पर भी हाई सिक्योरिटी नम्बर को अनिवार्य कर दिया है। 16 दिसम्बर 2024 से यह नियम लागू हो गया है। लेकिन इसका पालन जिले में अभी तक ठीक से नहीं हो रहा है। लोग धीरे-धीरे इस ओर रुचि दिखाने लगे है। लेकिन अभी भी जागरुकता कम है। वर्तमान में आरटीओ दफ्तर भोयना व कलेक्ट्रट में कैम्प लगाकर कंपनी द्वारा नया हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगाये जा रहे है। 15 अप्रैल को नम्बर प्लेट लगाने की समय-सीमा सामाप्त हो गई है। वर्तमान में आरटीओ द्वारा बिना हाई सिक्योरिटी वाले नम्बर प्लेट वाले वाहनों की जांच की जा रही है। फिलहाल समझाईश दी जा रही है। इसके बाद भी नया नम्बर प्लेट नहीं लगाने पर कार्रवाई हो सकती है।
बता दे कि नियम के तहत अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत सभी वाहनों पर पुराने नम्बर प्लेट की जगह हाई सिक्योरिटी क्रोमियम नम्बर लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। अब तक मात्र कुछ हजार गाडिय़ों में ही हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लग पाया है। जबकि जिले में लगभग सवा लाख ऐसे वाहन है जिनमें यह नम्बर प्लेट लगना है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है लोगो में इस ओर जागरुकता की कमी है और आरटीओ द्वारा भी इस ओर विशेष ध्यान नही दिया जा रहा है। नया नम्बर प्लेट रजिस्टे्रशन करने वाले कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में अप्रैल 2019 से पहले की 1 लाख 80 हजार वाहन रजिस्टर्ड है जिनका नया रजिस्टे्रशन होना है जिनमें से कई गाडिय़ा दुर्घटना ग्रस्त होकर या पुरानी होकर कबाड़ हो चुकी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि लगभग सवा लाख गाडिय़ां ही रनिंग कंडिशन में होगी। पिछले हप्ते के डाटा के अनुसार लगभग 6 हजार वाहनों के रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन आए थे। जिनमें से 1122 वाहनों का रजिस्टे्रशन कर नया नम्बर प्लेट लगा दिया गया है। जबकि 890 वाहनों के मोबाईल नम्बर अपडेट नहीं है।
बता दे कि जिले में आरटीओ में नम्बर प्लेट लगाया जा रहा है। दुपहिया में नम्बर प्लेट लगाने के लिए अलग चार्ज लिया जा रहा है। लोगों की माने तो कंपनी द्वारा नम्बर प्लेट लगाने लिया जा रहा चार्ज ज्यादा है। इससे आमजनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
ये होंगे हाई सिक्योरिटी नम्बर के फायदे
हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट के फायदों को देखते हुए इसे अब पुराने वाहनों में भी अनिवार्य किया गया है। बता दे कि यह नम्बर प्लेट एल्युमिनियम से तैयार होता है। प्लेट का बाई ओर के ऊपरी कोने पर क्रोमियम आधारित एक होलोग्राम होता है। जिसमें वाहन की सम्पूर्ण जानकारी होती है। इस नम्बर प्लेट में एक युनिक कोड होता है ऐसे में यदि वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाये तो हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट से वाहन मालिक सहित अन्य जानकारियां तत्काल उपलब्ध हो सकता है। वाहन चोरी के दौरान वाहन को ट्रेस कर पकडऩे में भी हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट मद्दगार साबित होगा।
”शासन के नियमों के अनुसार अप्रैल 2019 के पूर्व वाले सभी वाहनों को हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगाना अनिवार्य है। वर्तमान में वाहनों की जांच कर समझाईश दी जा रही है। आरटीओ दफ्तर भोयना व कलेक्ट्रेट में कैम्प लगाकर नम्बर प्लेट लगवाया जा रहा है। ÓÓ
एमए मुजाहिद
जिला परिवहन अधिकारी धमतरी



