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गंगरेल बांध डूब प्रभावितों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन 7 दिनों के लिए किया स्थगित

महापौर रामू रोहरा से मुलाकात के बाद आंदोलन स्थगित, महापौर ने प्रभावितों को मुख्यमंत्री से मिलवाने और चर्चा करवाने का दिया आश्वासन


धमतरी। धमतरी जिले में 3 दिन से जारी गंगरेल बांध के डूब प्रभावितों ने अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन 7 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है. धमतरी महापौर रामू रोहरा से मुलाकात के बाद आंदोलन को स्थगित किया गया है. महापौर ने प्रभावितों को मुख्यमंत्री से मिलवाने और चर्चा करवाने का आश्वासन दिया है. प्रभावितों को मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद मांगें पूरी हो जाने की उम्मीद है.हक नहीं मिलने से परेशान दरअसल गंगरेल बांध के विस्थापितों को आज तक जमीन नहीं मिल पाई है. बड़ी संख्या में लोगों का मुआवजा भी बाकी है. विस्थापन के समय सरकार ने इनसे वादा किया था. हाईकोर्ट ने भी प्रभावितों के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन इसके 4 साल बीत जाने के बावजूद प्रभावितों को उनका हक नहीं मिल पाया है. इसी मांग को लेकर धमतरी के गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया था.गुरुवार को कलेक्ट्रेट का घेराव भी किया था.
महापौर ने दिया आश्वासन
डूबान संघर्ष समिति के संरक्षक महाराजी राम ध्रुव और राम नवरे निषाद ने कहा कि हम कई दिनों से धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं, अधिकारियों को ज्ञापन देते आ रहे हैं. इसके बाद भी कोई हल नहीं हो रहा है. हमारे बीच में यहां पर महापौर रामू रोहरा पहुंचे हुए थे, उन्होंने आश्वासन दिया है. प्रशासन से भी हमें आश्वासन मिला है. उसके तहत हम लोग अपना आंदोलन स्थगित कर रहे हैं.
समाधान नहीं निकला तो उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
डूबान संघर्ष समिति के संरक्षक ने कहा कि महापौर ने 7 दिन का समय दिया है. अगर 7 दिन के बाद आठवें दिन हल नहीं होता है तो नौंवे दिन इसी मैदान में सभी सदस्य आकर फिर संगठित होंगे. उग्र रूप से अपना प्रदर्शन जाहिर करेंगे. हाई कोर्ट से आदेश मिला है, लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है. उन्हें जगाने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं कि जल्दी से जल्दी हमें जो हक मिला है, वह मिल सके.
उचित कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री से कराएंगे भेंट-रामू
रामू रोहरा ने बताया कि डुबान प्रभावितों का धरना चल रहा था. जैसे ही मुझे जानकारी लगी, मैंने उनके साथ बातचीत की है. मुख्यमंत्री से भेंट करवा कर इनकी बातों को उन तक पहुंचाना और रास्ता कैसे निकलेगा प्रयास करना है.महापौर ने कहा कि सीएम साय सुशासन तिहार की वजह से दौरा कर रहे हैं, इसलिए 7 दिनों का समय दिया गया है. डूब प्रभावित सदस्यों को मुख्यमंत्री से भेंट करवाएंगे. महापौर ने आगे कहा कि गंगरेल को बने 50 वर्ष हो चुके हैं. हाई कोर्ट का भी निर्देश जारी हुआ है. मामला जमीन से संबंधित है. वन विभाग, राजस्व और इरिगेशन तीन विभागों का समन्वय बनाकर मुख्यमंत्री निर्देश दें तो यहां काम चालू होगा और इन्हें इनका हक मिलेगा.

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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