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गुरु वचन पर विश्वास रखें, भजन सिमरन सदैव करते रहें, प्रभु के दीदार किसी न किसी रूप में जरूर होगा-संत लोकेश कुमार

आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के चालीहा महोत्सव के पांचवें दिन भी श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में हुए भक्ति कार्यक्रम


धमतरी। आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के चालीहा महोत्सव के पांचवें दिन श्री प्रेम प्रकाश आश्रम धमतरी में रात्रि 9.30 बजे से 10.30 बजे तक आकाश गंगा निवासी प्रहलाद आहूजा के परिवार द्वारा आयोजित किया गया. आश्रम के सन्त लोकेश कुमार जी ने सत्संग के दौरान बताया कि आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज ने भजन एवं भोजन का भंडारा साथ साथ में चलाया एवं उसकी तुलना करके बताया कि दोनों न केवल एनर्जी के स्रोत है बल्कि दोनों औषधि का भी काम करते हैं भजन हमारे मन को एनर्जी देता है एवं मन के रोगों का उपचार करता है भोजन शरीर को एनर्जी देता है एवं शरीर को रोगी नहीं होने देता दोनों में केवल एक ओ की मात्रा का फर्क है इसके कारण भोजन को अल्प मात्रा में लेने से ही यह औषधि का काम करेगा भोजन के बिना शरीर कमजोर होकर रोगग्रस्त हो जाता है लिमिटेड निश्चित एवं अल्प मात्रा में पेट की भूख शांत करने हेतु भोजन करने से शरीर स्वस्थ होकर सभी सांसारिक कार्य कर पाता है उसके विपरीत बिना मात्रा के अनलिमिटेड भोजन करने से शरीर रोगी हो जाता है. भजन में मात्रा नहीं होने से इसको अनलिमिटेड मात्रा में किया जा सकता है भजन करने से जीव को ईश्वर से मिलने की एनर्जी मिलती है भजन के बिना जीव ईश्वर की ओर चलने के काबिल नहीं हो पाता वह सांसारिक माया के विभिन्न रोगों से रोगी हो जाता है इसके लिए जीव को भजन की नितांत आवश्यकता होती है भजन उसके लिए औषधि का काम करता है उसके सांसारिक माया के रोगों को दूर कर औषधि का काम करता है एवं ईश्वर के मार्ग में चलने हेतु एनर्जी प्रदान करता है साथ ही उसमें मात्रा नहीं होने के कारण भजन अनलिमिटेड किया जा सकता है जितना भजन किया जाएगा उतना ईश्वर के निकट जाता जाएगा आप भाग्यशाली हैं आप अपने ऊपर सत् नाम साक्षी मंत्र का प्रभाव देखिए जिस कारण आप प्रतिदिन गुरु दरबार में आकर के चालीसा पाठ का एवं सत्संग भजन कीर्तन का वाचन एवं श्रवण कर रहे हैं कहा भी गया है कि जिन भाग्यशाली लोगों को जनता चुनती है वे संसद में बैठते हैं एवं जिन भाग्यशाली लोगो को स्वयं गुरुदेव चुनते हैं वे सत्संग में बैठते हैं यहां आने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं बस आप में शबरी के जैसे गुरु के प्रति श्रद्धा गुरुवचन पर विश्वास एवं धैर्य होना चाहिए.शबरी के गुरु थे मतंग ऋषि उन्होंने शबरी से कहा था कि आपके पास राम आयेंगे शबरी ने इस बात पर पक्का विश्वास रखा कि प्रभु राम मेरे घर आयेंगे वह प्रतिदिन अपने घर की सफाई करती तो खाना बनाती तो एवं फूलों से सजाती तो मन में भाव यह रखती थी कि ये सब वह प्रभु राम के लिए कर रही है राम आज आने वाले हैं.वृद्धावस्था तक भी राम के नहीं आने के बावजूद भी गुरु के वचन पर से उसका विश्वास नहीं डोला जिस कारण प्रभु राम शबरी के घर का पता पूछते पूछते उसके घर पहुंच न केवल उसे दर्शन दिया बल्कि उसके प्रेम से भरे उसके द्वारा दिए गए झूठे बेर भी खाए जो वह बेर की मिठास चेक कर कर के खिला रही थी भाव ही प्रधान होता है प्रभु हमारे कार्य नहीं देखते हमारे भाव को देख प्रसन्न होते हैं अत: अपने हृदय के भाव को शुद्ध रखें एवं गुरु वचन पर विश्वास रखें एवं भजन सिमरन सदैव करते रहें प्रभु के आपको दीदार किसी न किसी रूप में जरूर होंगे।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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