देवी अहिल्या बाई होल्कर जन्म जयंती मनाई गई
सेवा जनजागरण की प्रतीक थी अहिल्याबाई होल्कर- निरंजन सिन्हा
नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उन्होने उल्लेखनीय कार्य किये – डॉ बीथिका विश्वास

कुरुद। देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती के अवसर पर उनके जीवन को समाज के मध्य रेखांकित करने भाजपा मंडल मगरलोड द्वारा बूढ़ादेव मंदिर प्रांगण में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। बस्तर सह प्रभारी एवं पूर्व कार्यकारिणी सदस्य निरंजन सिन्हा ने कहा कि हम लोकमाता के जन्मजयंती को सेवा जनजागरण अभियान के रूप में मना रहे है, उनका जीवन एवं कार्य उल्लेखनीय पूर्ण रहा। इन्हीं के प्रेरणा स्वरूप महिला सशक्तिकरण से लेकर प्राचीन धरोहर को सहेजने का कार्य देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उक्त सभी कार्यों को कर रहे है। कार्यक्रम की जिला संयोजक व वक्ता के रुप में उपस्थित महिला मोर्चा प्रदेश सदस्य बीथिका विश्वास ने कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली भी रानी अहिल्या बाई से भी प्रेरित है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को सहजने जैसे सभी कार्यो के साथ-साथ नारी शक्तिकरण के क्षेत्र में भी उन्होने उल्लेखनीय कार्य किये है। जिपं सभापति टीआर कंवर, मंडल अध्यक्ष मोहन रोहित साहू ने रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन उनके धर्म सेवन न्याय और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। आभार व्यक्त जिला उपाध्यक्ष नरेश सिन्हा ने किया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शत्रुघ्न साहू, पुर्व मंडल अध्यक्ष विजय यदु, महामंत्री मुरली सिन्हा, महामंत्री नंदनी सिन्हा, सरपंच संघ अध्यक्ष राखी साहू, चंदू निषाद, विष्णु साहू, धनंजय साहू, डीहुराम साहू, कविता यादव, भानु प्रिया साहू, सारीता बंजारे, गायत्री सोनी, टीकम साहू, भवानी यादव, लोकेश साहू, रामायण सिन्हा, श्रवण साहू, हिरंजय साहू, रोहित यादव, पार्षद यशोदा साहू,यादराम गायकवाड, विदम चौहान, अशोक साहू, राधा साहू, शांति देवांगन, नेमू निषाद, घनश्याम साहू भुनेश्वरी ठाकुर, श्यामा साहू, बिराजो बाई साहू, पद्मिनी साहू, बबीता ध्रुव, रम्भा ध्रुव, पूर्णिमा मार्कण्डेय, डूगेश्वरी साहू, दुलेश्वरी साहू, चमेली साहू, भगत मार्कण्डेय, इशू साहू,बेनु राम साहू, पुष्पा, कौशल्या साहू, रमेश साहू, द्रोण गायकवाड, महेश सिन्हा भूपत राम सिन्हा, लोचन साहू, लाला राम यादव, नारायण साहू, रघुनंदन पटेल आदि उपस्थित थे।
