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लक्ष्य को वही प्राप्त कर सकता है जो लक्ष्य के प्रति धीर व गम्भीर है – स्वामी भगत प्रकाश

चालीहा महोत्सव के 11 वें दिन व 83 वीं वर्सी के 4 थे दिन चालीसा पाठ एवं भजन कीर्तन का आयोजन


धमतरी। विपत्तिकाल में धीरता धैर्य रखने वाले एवं विषमता में भी हरि गुण गाने वाले आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के 139 वें जन्मोत्सव के जारी चालीहा महोत्सव के 11 वें दिन एवं उनकी 83 वीं वर्सी के 4 थे दिन के चालीसा पाठ एवं भजन कीर्तन का आयोजन किसी गुरुभक्त के परिवार द्वारा नाम गुप्त रखकर श्री प्रेम प्रकाश आश्रम के सत्संग हाल में रात्रि 9.30 से 10.30 बजे तक किया गया। 11 वें दिन श्री प्रेम प्रकाश मण्डल के पीठाधीश्वर सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज के द्वारा आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की धीरता पर प्रकाश डालते हुए सन्देश भेजा जिसमें समझाया कि अपने लक्ष्य को वही प्राप्त कर सकता है जो अपने लक्ष्य के प्रति धीर एवं गम्भीर है वह निश्चित रूप से सफल होता है लेकिन जो मनुष्य चंचल चपल एवं अधीर होता है वह सफलता को प्राप्त नहीं कर पाता यह बात आचार्यश्री ने अपने जीवन व्यवहार में सिद्ध करके दिखाई है जब वे अपनी सन्त मण्डली के साथ झोपडिय़ों में निवास करते थे तब उनकी कीर्ति से असंतुष्ट-असहिष्णु- अधर्मी लोगों के द्वारा उनके निवास वाली झोपडिय़ों में आग लगा दी गई ऐसी विपत्ति आने के बावजूद भी अपने जगदीश पर विश्वास को न डुलाया बल्कि धैर्य रखते हुए अपनी धीरता एवं ईश्वर पर अटल विश्वास का परिचय दिया झोपडिय़ों के जलते रहने पर भी सद्गुरु एवं ईश्वर पर भरोसा नहीं छोड़ा, ऐसी विषमता में विषम परिस्थिति में भी हरि गुण गान करना नहीं छोड़ा। हम देख रहे हैं ये जो आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की कीर्ति एवं उनके द्वारा स्थापित प्रेम प्रकाश मण्डल की पूरे विश्व में व्यापकता हो रही है ये सब उनमें अपार धीरता ईश्वर पर भरोसा एवं उनकी भक्ति एवं अनेक सद्गुणों के परिणामस्वरूप ही है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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