विंध्यवासिनी मंदिर में सर्वसमाज की बैठक: बावड़ी पूजन और जल संचरण के लिए लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
घर से गंगा जल लाकर, बिलाई माता की बावड़ी को पुनर्जीवित करने के पुण्य कार्य से अपने आपको कृतार्थ कर करे दैवीय आशीर्वाद प्राप्त

गंगा दशहरा पर मां बिलाई माता विंध्यवासिनी दाई मंदिर की ऐतिहासिक पवित्र बावड़ी का जल संचरण
मां विंध्यवासिनी बिलाई माता दाई मंदिर परिसर स्थित पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी जिसे किन्हीं कारणों से मलबे से पाटकर बंद कर दिया गया था, माता जी की प्रेरणा से नीचे तक सकुशल खुदाई और सीढ़ी भी पुराने स्वरूप में यथावत है, समस्त श्रद्धालुजनों की भावनाओं के अनुरूप बावड़ी की मरम्मत और सौंदर्यीकरण का कार्य अंतिम स्तर पर है।संयोग से चूंकि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मां गंगा जी का अवतरण दिवस है, उक्त दिव्य तिथि पर बावड़ी के पुनः जल संचरण और संरक्षण की पहल करने का निर्णय मंदिर ट्रस्ट और सर्वसमाज ने लिया है, मंत्रोपचार कर बावड़ी को गंगा जल और नदियों सरोवरों के पवित्र जल डालकर जल स्त्रोत को पुनर्जीवित कर माता के अभिषेक और ज्योत जवारा के दिव्य महत्व के कार्य को संपादित करना है। इसके लिए सभी सामाजिक धार्मिक, सांस्कृतिक और सेवा संगठनों से विशेष रूप से आग्रह किया जाता है कि अधिक से अधिक संख्या में बावड़ी में जल अर्पण के लिए लोगों को सूचित करें।उक्त पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने और मां विंध्यवासिनी, देवी गंगा, मां महानदी का आशीर्वाद प्राप्त करने दिनांक 5जून गंगा दशहरा के दिन सुबह 11बजे से शाम 5बजे तक,अपने अपने घरों से नदी या सरोवर का पवित्र जल लाकर बावड़ी को अर्पित करें।
आज की बैठक और गंगा दशहरा के दिन के संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजक श्री अशोक पवार जी को बनाया गया है,, बैठक में प्रमुख रूप से शुरू दीपक लखोटिया , राकेश दीवान, नारायण दुबे दिलीप राज सोनी, भीखम महाराज ,यशवंत साहू, राम कुमार साहू,सूर्या राव पवार,महेश रोहरा अजय जैन, माधव राव पवार,संतोष सोनकर, गोपाल रणसिंह,दयाराम अग्रवाल, गिरधारी लाल अग्रवाल, विवेक बाबर,कीर्ति शाह, कमलेश पवार, माधव राव पवार, दीपक राय, महेंद्र गायकवाड, नंदू जसवानी, सुधीर पवार,भूपेंद्र मिश्रा, नम्रता माला पवार, विनोद राव लोंढे, विक्रांत पवार, अनिल सालुंके किशोर गायकवाड, प्रदीप रणसिंह, राजा जाचक, आर्यन सोनकर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित हुए।

