बोडरा के चंदन साहू ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू में तोप के साथ रहे तैनात, दुश्मनों की चौकियों को किया तबाह
गांव लौटने पर ग्रामीणों ने किया भव्य व आत्मीय स्वागत

धमतरी। पहलगाम घटना के बाद चलाए गए आपरेशन सिंदूर में अपने तोप से दुश्मनों की चौकियों को ध्वस्त कर सेना और देश का मान बढ़ाने वाले ग्राम बोडरा के जवान चंदन साहू के गांव लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। चंदन के अलावा गांव के दो और जवान भी इस आपरेशन में शामिल थे। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए घटना को कोई नहीं भूल सकता। आतंकवादी हमले में 26 पर्यटक और नागरिक मारे गए थे जिसमें मुख्य रूप से हिंदूओं को निशाना बनाया गया था। इसका जवाब देने के लिए भारत सरकार ने आपरेशन सिंदूर चलाया। 6-7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सैन्य कार्यवाही कर भारतीय सेना ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए। आतंकवादियों के ठिकाने और पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त कर दिया गया। इस मिशन में धमतरी जिले के भी कई जवान शामिल रहे। ग्राम बोडरा संबलपुर निवासी चंदन साहू इसमें से एक हैं। चंदन साहू के अदम्य साहस और पराक्रम के बाद छुट्टी में अपने निवास बोडरा पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया जिसमें पूर्व सैनिक ओमप्रकाश साहू, गिरीराज साहू, सैनिक लोकेश्वर साहू, भुनेश्वर साहू, रूद्रनाथ साहू, लक्षण साहू, दीपक साहू, रेखराज साहू, डेमिन साहू, डिगेश्वरी साहू, खनेश्वरी साहू, गीतिका साहू, अंजली साहू, केजल, दुर्गा आदि शामिल थे। चंदन साहू ने बताया कि वर्ष 2019 में थल सेना में भर्ती हुई थी। पहले कुपवाड़ा में पदस्थ थे। अभी जम्मू में पोस्टिंग है। 3 से 15 मई तक वे सीमा में अपने तोप के साथ डटे रहे। एक तोप में 9 लोग रहते थे। एलओसी से लगभग 15 किमी दूर तैनात थे। उनकी तोप की मारक क्षमता 40 किमी की है। 7-8 मई को आपरेशन सिंदूर के तहत दुश्मनों की चौकियों को हमने तबाह कर दिया। दिन को अपना रूटिन काम करते थे। रात होते ही मिशन के लिए तैयार हो जाते थे। बैकअप पार्टी अलग रहती थी। सामने इनफेंट्री के जवान रहते थे। ऊपर मिसाईल दागने पर एयर फोर्स के जवान जवाब देते थे। अभी एक माह की छुट्टी में घर लौटे हैं। आपरेशन सिंदूर में गांव के ही नायक सूबेदार टिकेश्वर साहू और संजय साहू भी शामिल हुए थे। टिकेश्वर की पोस्टिंग जम्मू में और संजय की पोस्टिंग मेरठ में है। गनर चंदन साहू ने बताया कि 2020 में कुपवाड़ा पोस्टिंग के दौरान भी एक बड़े मिशन में शामिल हुए थे।
