श्रीमद् भगवद् गीता व श्री प्रेम प्रकाश ग्रन्थ साहब के पाठों का हुआ भोग पारायण व हवन
चालीहा महोत्सव के 40 वें दिन चालीसा पाठ एवं सत्संग का हुआ आयोजन

धमतरी। चालीहा महोत्सव के 40 वें दिन रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक चालीसा पाठ एवं सत्संग कार्यक्रम हुआ जिसे पूज्य सिंधी समाज के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार वाधवानी एवं उनके सुपुत्र रवि वाधवानी के परिवार के द्वारा आयोजित किया गया 40 वें दिन स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज ने आचार्यश्री के महामंत्र सत् नाम साक्षी पर प्रकाश डाला। आचार्यश्री ने यह महामंत्र देकर सम्पूर्ण जगत का कल्याण किया है समस्त दुखों की निवृति एवं परमानंद की प्राप्ति के लिए बहुत सरल साधन इस सत् नाम साक्षी को बताया है एवं इस मंत्र के द्वारा सारे काम सिद्ध होते हैं बिगड़ी बन जाती है कष्ट दूर हो जाते हैं ऐसा फलीभूत मंत्र है इसके द्वारा सबकी भलाई ही होती है। आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के 139 वें जन्मोत्सव के पंचम दिवस विधिवत हवन किया गया। श्रीमद् भगवद्गीता एवं श्री प्रेम प्रकाश ग्रन्थ साहब के पाठों का विधिवत भोग पारायण समापन किया गया। आचार्यश्री के प्रकटोत्सव पर भगवान लक्ष्मी नारायण एवं गुरुजनों को नवीन वस्त्र पहना कर उनके स्वरूपों मनमोहक ढंग से सजाया गया है।
छप्पन भोग की झांकी
गुरु महाराज की एकनिष्ठता से एवं बहुत ही सादगी भरे जीवन से एवं उनके थोड़े में ही संतुष्ट होने के सद्गुण से प्रभावित होकर सभी भक्तों के मन में आचार्यश्री की प्रेरणा से छप्पन भोग के स्थान पर केवल एक फल अनानास को छप्पन भोग के रूप में तय किया सभी भक्तों के द्वारा लाए गए 700 से भी अधिक अनानास के फलों से सजाकर गुरुमहराज को भोग लगाया गया एवं भोग लगने के बाद ये अनानास पवित्र प्रसाद हो गया जिसे उपस्थित सभी भक्तों को बांट दिया गया।


