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गंगरेल बांध में हो रही 18455 क्यूसेक पानी की आवक, तीन दिनो में बांध में पहुंचा 4 टीएमसी से अधिक पानी

रविवार सुबह 10 बजे बांध में हो रही थी इस सीजन की सर्वाधिक 35 हजार क्यूसेक से अधिक की आवक

32.150 टीएमसी क्षमता वाले बांध में हुआ 16.882 टीएमसी जल भराव

धमतरी। प्रदेश की जीवनदायनी महानदी पर बने गंगरेल बांध में अब अच्छी बारिश के चलते पानी की आवक शुरु हो चुकी है। जिससे बांधो में जल भराव की स्थिति में सुधार होने लगा है।
ज्ञात हो कि प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े बांध गंगरेल की क्षमता 32.150 टीएमसी है। 3 जुलाई की स्थिति में बांध में मात्र 7.665 टीएमसी उपयोगी पानी ही शेष था। जो कि तीन दिनो में आवक होने से बढ़कर 11.811 टीएमसी हो गया है। इसलिए मात्र 3 दिनो में ही बांध में 4 टीएमसी से ज्यादा पानी की आवक हुई है। बांध की स्थिति को देखते हुए इस मानसून बांध को लबालब होने के लिए अच्छी बारिश की आवश्यकता थी। अब तक पर्याप्त हुई है।
गंगरेल बांध कंट्रोल रुम से मिली जानकारी के अनुसार दोपहर 12 बजे की स्थिति में बांध में पानी की आवक 18455 क्यूसेक रही। जबकि बांध से प्रतिसेंकड 400 क्यूसेक पानी एचआर केनाल में भिलाई के लिए छोड़ा जा रहा है। बांध में कुल पानी 16.882 टीएमसी है। जिसमें उपयोग पानी 11.811 टीएमसी है। बांध में वाटर लेवल 342.23 मीटर है। आज बांध के कैचमेंट एरिया में 36 मिलीलीटर वर्षा दर्ज की गई है।
कल सुबह 10 हो रही थी अब तक की अधिकतम 35 हजार क्यूसेक पानी की आवक
बता दे कि गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार वर्षा हो रही है। जिससे बांध में पानी की आवक कल से शुरु हई है। कल सुबह बांध में पानी की आवक शुरु हुई जो तेजी से बढ़ती रही और सुबह 10 बजे की स्थिति में अब तक की अधिकतम आवक 35 हजार क्यूसेक से अधिक तक पहुंच गई। फिर 12 बजे के बाद आवक घटने लगी। आज दोपहर 12 बजे स्थिति में 18455 क्यूसेक रही। माना जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश से आवक और बढ़ सकती है।
दुधावा, सोंढुर, माडमसिल्ली बांध में भी हो रही आवक
जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। ऐसे में विगत कुछ दिनों से रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। जिससे दुधावा, सोंढुर, माडमसिल्ली बांध में पानी की आवक शुरु हुई है। इस साल माडमसिल्ली बांध पूरी तरह खाली हो गया था। आवक होने से इस मानसून बांध के पूरी तरह लबालब होने की उम्मीद की जा रही है। साथ ही सोंढुर व दुधावा बांध की स्थिति भी सुधार लगातार हो रहा है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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