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धमतरी ने रचा स्वच्छता में इतिहास: देश में 71वां स्थान, पहली बार मिला 3 स्टार-नीलेश लूनिया

महापौर रामू रोहरा के नेतृत्व में नगर बना स्वच्छता का चमकता उदाहरण,मॉडल वार्ड और 1 लाख इनामी कॉम्पिटिशन की घोषणा

धमतरी-स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में नगर पालिक निगम धमतरी ने पूरे देश में 50,000 से 3 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 71वां स्थान प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले यह रैंकिंग 500 के ऊपर थी, लेकिन इस बार की छलांग ने पूरे छत्तीसगढ़ में धमतरी का नाम रोशन कर दिया है। खास बात यह है कि धमतरी को पहली बार 3 स्टार सर्टिफिकेशन भी प्राप्त हुआ है।यह सिर्फ एक रैंक नहीं, बल्कि नगर निगम की टीम, सफाई कर्मियों, स्वच्छता दीदी, सुपरवाइजरों, और जागरूक नागरिकों की लगातार मेहनत और सामूहिक संकल्प का परिणाम है।

महापौर रामू रोहरा का मजबूत नेतृत्व, बधाई की हकदार

धमतरी नगर निगम के महापौर रामू रोहरा ने इस उपलब्धि में मुख्य भूमिका निभाई। स्वच्छता के प्रति उनका समर्पण, लगातार निरीक्षण और योजनाओं को ज़मीन पर उतारने की क्षमता ने धमतरी की तस्वीर ही बदल दी। वे प्रतिदिन नगर के अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे, और जनता को भी जागरूक कर रहे उन्होंने कहा यह सफलता धमतरी की जनता और हमारी मेहनती टीम की है। आज नगर ने जो सम्मान पाया है, वह सबकी साझी मेहनत का नतीजा,सफाई कर्मियों की मेहनत के बिना यह संभव नहीं था। वे हमारे शहर के सच्चे रक्षक हैं।

सभापति नीलेश लूनिया की विशेष भूमिका

स्वास्थ्य विभाग के सभापति नीलेश लूनिया ने सफाई व्यवस्था को सशक्त और व्यवस्थित बनाने में बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहे। उन्होंने न सिर्फ वार्डों का दौरा कर रहे, बल्कि हर सफाई कर्मचारी से सीधा संवाद कर रहे और समस्याओं को मौके पर हल कर रहे। उनके मार्गदर्शन में कई सफाई अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

आयुक्त प्रिया गोयल और स्वास्थ्य अधिकारी शशांक मिश्रा की निगरानी से निखरी व्यवस्था

नगर निगम की आयुक्त प्रिया गोयल और स्वास्थ्य अधिकारी शशांक मिश्रा ने स्वच्छता मिशन को जमीनी हकीकत में बदला। दोनों अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति, हर विभाग से समन्वय और तकनीकी निगरानी व्यवस्था ने रैंकिंग में भारी सुधार लाने में मदद की।

सफाई कर्मी, स्वच्छता दीदी और सुपरवाइजर असली नायक

इस सफलता के सबसे बड़े हकदार हैं नगर निगम के सफाई कर्मचारी, स्वच्छता दीदी और सुपरवाइजर। जब शहर सोता है, तब ये लोग काम पर होते हैं। सुबह 4 बजे से पहले हर वार्ड में सफाई शुरू होती है।
स्वच्छता दीदी घर-घर जाकर महिलाओं को गीले-सूखे कचरे को अलग करने, कचरा समय पर देने और प्लास्टिक के कम उपयोग की सलाह देती हैं।सुपरवाइजरों ने फील्ड पर टीमों को दिशा दी, निगरानी की और हर दिन की रिपोर्टिंग से स्वच्छता को नियमबद्ध बनाया।

सदर उत्तर वार्ड बनेगा मॉडल वार्ड

महापौर ने घोषणा की है कि सदर उत्तर वार्ड को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें बेहतर सफाई, जल निकासी, कचरा प्रबंधन, और जनसहभागिता को बढ़ाया जाएगा। अन्य वार्डों के लिए यह एक उदाहरण बनेगा।

1 लाख का इनाम – वार्ड स्तर पर स्वच्छता प्रतियोगिता

महापौर ने एक और सराहनीय पहल करते हुए सभी वार्डों के बीच स्वच्छता प्रतियोगिता कराने की घोषणा की है। जो वार्ड सबसे साफ, सुंदर और अनुशासित होगा, उसे 1 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इससे हर पार्षद और वार्डवासी जागरूक होकर भागीदारी निभाएंगे।

बर्तन बैंक की शुरुआत, प्लास्टिक मुक्त समाज की ओर कदम

महापौर व सभापति नीलेश लूनिया की पहल पर दो स्थानों पर बर्तन बैंक की स्थापना की जाएगी। यहां से शादियों, सामाजिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए नि:शुल्क स्टील के बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे।इससे डिस्पोज़ल और प्लास्टिक के उपयोग में भारी कमी आएगी, जो पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत सकारात्मक पहल है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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