सुंदरता पर चार चांद लगाने वाले फाउंटेन सालो से है बंद
उद्यानों, महापुरुषो की प्रतिमायें सहित दर्जन भर से अधिक स्थानों पर लगाये गये थे फाउंटेन

धमतरी। धमतरी नगर पालिका कार्यकाल में शहर को सुंदर बनाने की दिशा में कई प्रयास हुए थे, उनमें से एक प्रयास फाउंटेन था। रंग बिरंगे फौव्हारे आंखो को सुकुन देते थे और शहर की सुंदरता पर चार चांद लगाते थे लेकिन सालों से उक्त सुंदरता पर ग्रहण लग चुका है।
ज्ञात हो कि शहर के कई उद्यानों जैसे निगम कार्यालय के सामने स्थित उद्यान रमसगरी उद्यान रायपुर रोड पावर हाउस के पास बने बस्तर आर्ट सौद्रर्यीकरण सहित कुछ अन्य उद्यानों में फाउंटेन लगाया गया था शाम होते ही यह फौव्हारे शहर की सुंदरता बढ़ाते थे। बच्चे फौव्हारे को देखकर प्रफुल्लित होते थे बड़ो को यह सुकुन पहुंचाता था इसी प्रकार शहर में बने महापुरुषो की कई प्रतिमाओं पर भी सौन्दर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए फाउंटेन लगाये गये थे। जिसमें आजाद चौक स्थित शहीद चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा, बठेना नहर के पास स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा, दानीटोला वार्ड में पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर फाउंटेन लगाये गये थे जो कि सालों से बंद पड़े है।
बता दे कि अधिकांश स्थानों पर देखरेख और मरम्मत के आभाव में फाउंटेन बंद हुए थे। यदि उस दौरान थोड़ी मरम्मत कर दी गई होती तो फाउंटेन का अस्तित्व शहर में गायब न हुआ होता। अब तक अधिकांश स्थानों पर फाउंटेन के सिर्फ निशान ही शेष रह गये है। वर्षो के बंद पड़े फाउंटेन को पुन: शुरु कराने निगम द्वारा वर्तमान में ध्यान नहीं दिया जा रहा है न ही सौंदर्यता के दिशा मे कोई विशेष प्रयास हो रहे है।
विकास के साथ सुंदरता पर भी दे ध्यान
मुकुल सिन्हा, हिरेन्द्र देवांगन, आकाश साहू ने चर्चा के दौरान कहा कि शहर में विकास को प्राथमिकता दी जा रही है यह सही है लेकिन विकास के साथ सौद्रर्यीकरण पर भी विशेष जोर देने की आवश्यकता है। आज धमतरी शहर में सड़को पर अतिक्रमण और बदहाली के कारण सुंदरता पर ग्रहण लगा हुआ है। धमतरी को भी अन्य शहरों की तर्ज पर सुंदर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास होने चाहिए. सुंदरता के नाम पर शहर में पिछले कई सालों में मात्र मुख्य मार्गो पर खंभो पर एलईडी लाईटे ही लगाई गई है। वह भी खंभो पर प्लेक्स पोस्टर आदि बांधने के कारण क्षतिग्रस्त हो जाते है।
