धमतरी के 5 बंधक युवाओं को गुजरात से किया गया रिहा,महापौर की पहल पर सभी हुए रिहा

धमतरी।शहर में मानव तस्करी जैसा एक बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें सोरिद वार्ड के 6 लोगों को दलाल बहला फुसलाकर गुजरात टाइल्स फैक्ट्री में काम करने ले गया। जहां पर उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। एक युवक जैसे तैसे भाग कर वापस लौटा। जिसने बताया कि वहां पर मारपीट की जाती है और मोबाइल सभी के बंद कर दिए गए हैं। पालक परेशान होकर महापौर के पास पहुंचे। जिन्हें तुरंत रिहा करवाया गया। तब पलकों के जान में जान आई.मामला कुछ इस तरह है 27 जुलाई रथ यात्रा के दिन राज नाम का एक व्यक्ति धमतरी आया और पांच सोरिद से एक दर्री से युवाओं को रायपुर बिलासपुर काम के बहाने ले गया। वहां से उन्हें गुजरात हिम्मतनगर में शिफ्ट कर दिया गया। लगभग 50 दिन बीत जाने पर जब पालकों की बच्चों से बात नहीं हुई तो वह परेशान हो गए। 6 में से एक युवक दर्री निवासी राहुल जैसे-तैसे भाग कर वापस लौटा।उसने बताया कि अन्य लोगों को बंधक बना लिया गया है।पलकों ने जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो मोबाइल बंद आया।जिससे वह चिंता में पड़ गए। पांच में से तीन नाबालिक और दो बालिक हैं। 15 अगस्त को थाना सिटी कोतवाली में आवेदन दिया गया कोई कार्रवाई नहीं होता देख वार्ड वासी निगम स्पीकर के पति इंद्रेश देवांगन और कमल सेन के माध्यम से महापौर रामू रोहरा के निवास पहुंचे।तत्काल वहां के संबंधित मंत्री, फैक्ट्री के मैनेजर से बात कर उन्हें रिहा कराया गया । महापौर के पास पहुंचने वालों में पलकों के अलावा इंद्रेश देवांगन, कमल सेन, गजानंद साहू, महरू विश्वकर्मा, गुरेंद्र सिन्हा,रामाधीन सिन्हा,आशा यादव, फूलबती ठाकुर, गायत्री सहित अन्य वार्ड वासी थे।सोरिद वार्ड निवासी प्रेम सिंह नेताम ने बताया कि उसका 16 वर्ष का बालक, कुशल ध्रुव का 21 वर्ष का लड़का सोमनाथ, संतोष यादव का 16 वर्ष का बालक, रमेशर नेती का 14 वर्ष का बालक और मोहन यादव का 21 वर्ष का धनेश्वर और दर्री निवासी राहुल यादव सभी रथयात्रा के दिन अचानक किसी व्यक्ति के साथ चले गए।फोन से संपर्क करने पर बताया कि काम पर रायपुर बिलासपुर जा रहे हैं। लेकिन जब बाद में पता चला तो उन्हें अहमदाबाद के थोड़े आगे दलफुर हिम्मतनगर के सिग्नोवा टाइल्स फैक्ट्री में रखा गया है। कुछ दिनों तक बात होती रही उसके बाद अचानक पिछले एक सप्ताह से बात बंद हो गया।वहां से किसी तरह से राहुल यादव भाग कर आया जिसने बताया कि वहां पर सभी को बंधक बना लिया गया है मारपीट की जाती है। मोबाइल बंद कर दिया गया है। पालक परेशान हो गए। तुरंत अपने बच्चों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन नहीं हो पाया। 15 अगस्त को थाना सिटी कोतवाली में सूचना दिए कार्यवाही नहीं होता देख महापौर के पास पहुंचे। महापौर ने उन्हें आश्वस्त किया और तत्काल उपासना टाइल्स के मैनेजर अल्पेश और वहां के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात की। तत्काल उन्हें वहां से रिहा कराया।तुरंत सभी का मोबाइल चालू करवाकर बात करवाया। तब उनके जान में जान आई। पालक अपने बच्चों से बात कर संतुष्ट हुए उनके आंखों में आंसू भी आ गए।महापौर रामू रोहरा ने बताया कि सोरिद वार्ड के कुछ लोग आए थे। इनको राज यादव नाम का दलाल काम के बहाने ले गया था। 50 दिन से वहां पर थे। एक सप्ताह से मोबाइल इनका बंद था। तुरंत अल्पेश से संपर्क कर उन्हें साफ शब्दों में चेता दिया गया कि छत्तीसगढ़ के यह बच्चे हैं इन्हें कुछ भी नहीं होना चाहिए। तत्काल उनके सभी के मोबाइल को चालू करवा कर उन्होंने स्वयं बात की।ट्रेन से धमतरी रायपुर रवाना करने के लिए कहा गया। लगातार संपर्क में है। राज यादव से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है उस पर कार्रवाई की जाएगी.
