नशे के दलदल से युवाओं को निकालना व साइबर ठगी से बचाना आज की सबसे बड़ी चुनौती – रागिनी मिश्रा
नवागांव में आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य रुप में शामिल हुई कुरुद एसडीओपी

धमतरी। भविष्य की पीढ़ी को नशे के जानलेवा जाल से बचाना, बिखरते परिवारों को संबल देना और डिजिटल युग में साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करना आज के समाज की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। जब तक परिवार, समाज और पुलिस मिलकर एक त्रिकोण की तरह काम नहीं करेंगे, तब तक एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज की कल्पना अधूरी है। यह सारगर्भित विचार कुरुद की अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रागिनी मिश्रा ने व्यक्त किए। वे ग्राम नवागांव के अटल चौक पर आयोजित एक जन-जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ग्रामीणों और युवाओं को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कानून, सामाजिक जिम्मेदारी और पारिवारिक मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि आज की सबसे बड़ी चिंता युवाओं में बढ़ती नशे की लत है, जो देश की रीढ़ को खोखला कर रही है। नशा न सिर्फ हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ रहा है, बल्कि घरेलू हिंसा को बढ़ावा देकर महिलाओं को प्रताडि़त कर रहा है। नशे पर होने वाला बेतहाशा फिजूलखर्च परिवारों को कर्ज के दलदल में धकेल रहा है। माता-पिता का नशे में डूबे रहना या बच्चों की परवरिश की अनदेखी करना, बच्चों के भविष्य को अंधेरे की ओर ले जा रहा है। बच्चों को घर में सही माहौल और बेहतर करियर गाइडेंस देना अनिवार्य है। डिजिटल क्रांति के इस दौर में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की अपील की और ऑनलाइन ठगी से बचने के गुर सिखाए। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता टिकेश साहू ने स्थानीय और व्यावहारिक समस्याओं को बेहद आक्रामक ढंग से मंच पर रखा। कहा कि युवाओं तक शराब और गांजे की आसान उपलब्धता बेहद चिंताजनक है। इस पर तत्काल कड़ा एक्शन होना चाहिए। सार्वजनिक चौराहों और रास्तों पर बैठकर शराब पीने वालों के खिलाफ पुलिस को सख्त कदम उठाने होंगे ताकि राह चलती महिलाओं और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके। टिकेश साहू ने प्रशासन से मांग की कि शराब के साथ इस्तेमाल होने वाले डिस्पोजल ग्लास और पानी के पाउच की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, जिससे खुले में पीने की प्रवृत्ति पर लगाम लग सके। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमुदाय ने एक सुर में नशा मुक्त समाज हमारा लक्ष्य और स्वच्छ भारत के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक, महिलाएं और युवा उपस्थित थे, जिन्होंने इस मुहिम को गांव-गांव तक ले जाने का बीड़ा उठाया।
