राज्यपाल पुरस्कार के लिए धमतरी जिले से दो महिला शिक्षकों का हुआ चयन
5 सितंबर को राज भवन में होंगी सम्मानित

धमतरी। राज्य शासन ने शिक्षक दिवस पर पुरस्कृत होने वाले शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। जिसमें धमतरी जिले से दो महिला शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। एक धमतरी ब्लॉक के प्राथमिक शाला कोलियरी से प्रीति शांडिल्य और दूसरी कुरूद ब्लाक के ग्राम खैरा प्राथमिक शाला से किरण साहू है। दोनों को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार दिया जाएगा।
राज्यपाल पुरस्कार 2024 25 के लिए धमतरी जिले से इस बार दो महिला शिक्षकों का चयन किया गया है। दोनों को 5 सितंबर को राज भवन में होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस बार दो महिला शिक्षकों के पुरस्कार मिलने से अन्य महिला शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके लिए पूर्व में ऑनलाइन दस्तावेज जमा करना होता है इसके बाद उनका चयन होता है।
किरण साहू
प्राथमिक शाला खैरा की प्रधान पाठक किरण साहू का 2006 में बलौदा बाजार जिले में नियुक्ति हुई थी। उसके बाद वह 2008 में धमतरी जिला प्राथमिक शाला चर्रा पहुंची। लंबे समय तक वहां रहने के बाद जून 2023 में खैरा आई। कला संकाय की किरण साहू ने कई नवाचार किए हैं। चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी उपलब्धियां में मॉडल स्कूल का निर्माण करना,शाला त्यागी बच्चों को जोड़ना, पढ़ाई प्रति जिनकी रुचि नहीं होती उनको स्कूल तक लाना, नवोदय और एकलव्य परीक्षा के लिए तैयारी कराना, जन सहयोग से चर्रा स्कूल में लगभग 5 लाख तक की दान के माध्यम से कई निर्माण कार्य किए गए। स्कूल में उन्होंने स्मार्ट टीवी प्रदान किया है। चर्रा स्कूल में सरपंच के सहयोग से कंप्यूटर सेट प्रदान किया गया। स्कूल की स्थिति में बेहतर सुधार करना। इस वर्ष 13 छात्र निजी विद्यालय से उनके स्कूल में आए हैं,जैसे अन्य और कई उपलब्धियां शामिल है।
प्रीति शांडिल्य
नवीन प्राथमिक शाला कोलियारी में पदस्थ प्रीति शांडिल्य की प्रथम नियुक्ति2008 में इसी स्कूल में हुई थी। तब से लेकर अब तक वह कार्य कर रही है। पुस्तक लेखन, दिव्यांगों की सेवा, रक्तदान जैसे कई सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर चुकी है। चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार करना, अधोसंरचना में स्कूल का सुधार किया गया। सामुदायिक सहभागिता के तहत जन सहयोग से कंप्यूटर सेट प्रदान करना, समाज सेवा के तहत दिव्यांगों खासकर दृष्टिबाधित बच्चों की सेवा करना। इसी सिलसिले में उनकी ब्रेल लिपि पुस्तक छग के 20 स्कूलों में स्वयं के व्यय से प्रदान किया है। उनकी विभिन्न विषयों पर 7 किताबें प्रकाशित हो चुकी है। रक्तदान जागरूकता अभियान के तहत वह लगातार लगी रहती हैं। वह स्वयं 20 बार रक्तदान कर चुकी है। इस वर्ष वह स्कूल को स्मार्ट टीवी प्रदान कर रही हैं। स्वयं के व्यय से बच्चों को जूता, मोजा,पाठ्य सामग्री प्रदान किया।8 बच्चों को कप बुलबुल प्रतियोगिता में स्वयं के व्यय पर ले गई थी। वर्तमान में स्मार्ट क्लास प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा और कई जन सरोकार कार्य शामिल है।
