जीएसटी स्लैब का सरलीकरण से भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की ओर अग्रसर हो चुकी हैं- अजय चन्द्राकर
कुरुद विधायक सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने नये जीएसटी संसोधन विषय पर किया पत्रकारों को संबोधित
भाजपाईयो ने कहा यह बदलाव आम आदमी के जीवन को खुशहाल करने वाले और व्यापार उद्योग को नई गति देने वाला हैं

धमतरी। आज जिला भाजपा कार्यालय में पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक कुरुद अजय चन्द्राकर ने नये जीएसटी संसोधन विषय पर पत्रकारों को संबोधित किया। प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, जिला भाजपा कोषाध्यक्ष चेतन हिन्दूजा, निगम एमआईसी मेम्बर नरेन्द्र रोहरा व विजय मोटवानी, सरला जैन, मेघराज ठाकुर विशेष रुप से उपस्थित रहे।
श्री चन्द्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आर्थिक महाशक्ति बनने की तरफ अग्रसर है। आयकर में ऐतिहासिक छूट के बाद अब जीएसटी के स्लैब का सरलीकरण, इसके रेट में अभूतपूर्व सुधार करके, रेट को कम करके भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की तरफ हम अग्रसर हो चुके हैं। यह बदलाव आम आदमी के जीवन को खुशहाल करने वाले और व्यापार उद्योग को नई गति देने वाले हैं। इससे न सिर्फ लोगों की बचत में ऐतिहासिक बढ़त होगी, बल्कि जीएसटी कानूनों के सरलीकरण से अब व्यापारी भी अधिक सुगमता के साथ अपना कार्य कर सकेंगे। श्री चन्द्राकर ने कहा कि 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले तक भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे। इसके अलावा राज्य सरकारें भी मनमाने ढंग से कभी भी कोई भी कर आरोपित कर देती थी। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय पर टैक्स नहीं लागू करने का निर्णय लेने के बाद अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर देने से अब वास्तव में भारतीय अर्थव्यवस्था अब जनता के लिए रामराज्य लाने वाला साबित होगा। नए सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की अनेक वस्तुएँ, ट्रैक्टर व उसके कलपुर्जे व अन्य कृषि उपकरण तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुओं के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व ऑटोमोबाइल उत्पादों को किफायती बनाया गया है। जीएसटी करदाता 2017 में 66.5 लाख से बढ़कर 2025 में 1.51 करोड़ हो गए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये रहा, जो केवल चार वर्षों में दोगुना हो गया है। इसका लाभ वस्त्र उद्योग को, विशेष रूप से निर्यात के लिए, होगा।
छत्तीसगढ़ की आबादी देश की जनसंख्या का दो प्रतिशत से भी कम है लेकिन इस मद में हमें 41 प्रतिशत का 3.407 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। इस वृद्धि के कारण पिछले 10-11 वर्ष में हमें एक लाख करोड़ रुपए से अधिक अतिरिक्त मिले हैं। देश को विकसित बनाने के इस यज्ञ में विपक्ष द्वारा दोहरी राजनीति करना दुखद है। विपक्ष द्वारा यह दुष्प्रचार की इसका अमेरिकन टैरिफ से कोई सम्बंध है, निहायत ही बचकाना और झूठ है। इस सुधार की शुरुआत आज से डेढ़ वर्ष पहले ही हो गई थी। जीएसटी दर में कमी से जनता की जेब में पैसा जाएगा, खरीदी क्षमता बढ़ेगी, देश विकसित होने की दिशा में बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे चुनावी और राजनीतिक एजेंडे से बड़े होते हैं। वह राष्ट्र हित में बड़े-बड़े फैसले लेने की ताकत रखते हैं।
