धमतरी में भी रायपुर की तर्ज पर कचरा गंदगी फैलाने वालो पर है ई – चालान की आवश्यकता
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के तर्ज पर रायपुर निगम द्वारा भेजा जा रहा ई - चालान

धमतरी। रायपुर निगम द्वारा एक ई – चालान एप बनाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों को चालान भेज रही है। इससे लोगों में कार्यवाही का डर नजर आ रहा है। साथ ई – चालान से बिना सेटिंग और भेदभाव के कार्यवाही हो रही है। ऐसे में धमतरी नगर निगम में भी इस प्रकार की कार्यवाही की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
ज्ञात हो कि रायपुर नगर निगम द्वारा मकान दुकान के बाहर कचरा फैलाने वाले खुले में शौच जाने वाले, ग्रीन नेट लगाये बगैर कंट्रक्शन कार्य करने, सड़क पर रेत गिट्टी आदि फैलाने, गीला-सूखा कचरा अलग-अलग नहीं करने, खाली प्लाट में कचरा डम्प करने, स्ट्रीट वेंडर्स जो वेस्ट खुले में छोड़कर गंदगी फैलाते है ऐसे अस्पताल और नर्सिंग होम जो मेडिकल वेस्ट को डिस्पोज नहीं कर रहे है। ऐसे लोगो के मकान भवन दुकानों के बाहर लगे प्रापर्टी आईडी प्लेट से पहचानकर ई – चालान भेजा जाता है। इसके लिए निगम कर्मचारी द्वारा फोटो लेते है। एप स्वयं ही जुर्माना तय कर देता है। इससे कार्यवाही में सेटिंग व भेदभाव की गुंजाईश नहीं रह गई है। इस प्रकार ई चालान करना वाला रायपुर पहल नगर निगम है। अब धमतरी में भी ऐसे ही चालान प्रक्रिया की आवश्यकता है। क्योंकि यहां निगम के लगातार प्रयासों के बाद भी लोग स्वच्छता में सहयोग नहीं कर रहे है। विशेषकर गीला-सूखा कचरा अलग ही नहीं किया जा रहा है। कुछ अस्पतालों द्वारा मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे के साथ फेंका जाता है। जिससे इंफेक्शन का खतरा रहता है। लोगो की माने तो यदि धमतरी नगर निगम इस प्रकार ई – चालान की व्यवस्था करे तो लोग डर से ही सही नियमों का पालन तो करेंगे। और जुर्माना नहीं देने पर उसे प्रापर्टी या वाटर टैक्स के साथ जोड़कर भेजा जा सकता है। हालांकि यह योजना वर्तमान में सिर्फ रायपुर में लागु है। लेकिन भविष्य में इससकी सफलता को देखते हुए इसे धमतरी सहित अन्य निगमो में भी लागु किया जा सकता है।

