नि:शक्तजनों सहित सभी वर्गो के लिए धमतरी में पीपीपी मोड पर फिजियोथेरैपी सेंटर खोलने का होगा प्रयास, कलेक्टर से हुई सार्थक चर्चा
नि:शक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष लोकेश कावडिय़ा पहुंचे धमतरी, कलेक्टर सहित समाजकल्याण विकास के अधिकारियों के साथ हुई बैठक
कहा नि:शक्तजनों के उत्थान को दी जाएगी प्राथमिकता किये जाएंगे हर संभव प्रयास
पहुंचे हाईवे चैनल के जिला कार्यालय विभिन्न मुद्दों पर की विस्तारपूर्वक चर्चा

धमतरी। नि:शक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष लोकेश कावडिय़ा कल धमतरी पहुंचे। इस दौरान उन्होने कलेक्टर अबिनाश मिश्रा सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों संग बैठक कर नि:शक्तजनो के उत्थान, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें शासन की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के संबंध में चर्चा की गई।
चर्चा के दौरान श्री कावडिय़ा ने धमतरी में पीपीपी मोड पर नि:शक्तजनों सहित सभी वर्गो के लिए फिजियोथेरैपी सेंटर खोलने की दिशा में कलेक्टर से सार्थक चर्चा की। यदि यह चर्चा धरातल पर आती है तो यह धमतरी वासियों के लिए नई पहल के साथ काफी लाभकारी भी साबित होगा। धमतरी आगमन के दौरान श्री कावडिय़ा हाईवे चैनल के जिला कार्यालय भी पहुंचे जहां उन्होने विभिन्न विषयो पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। श्री कावडिय़ा ने कहा कि साय सरकार नि:शक्तजनों के उत्थान, दिव्यांगजनों को स्वरोजगार की मुख्य धारा से जोडऩे तथा उनके आर्थिक पुनर्वास पर जोर दे रही है। साथ ही न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण राशि की सुविधा भी दिव्यांगजनों को प्रदान की जाती है। वे प्रदेश के कई जिलो का दौरा कर चुके है। बता दे कि उन्हें समाजसेवा के लिए अब तक 22 वल्र्ड रिकार्ड पुरुस्कार मिल चुके है। उन्हें दिव्यांगजनों के कॉल आते है और समस्याओं का निराकरण करने अग्रणी रहते है। श्री कावडिय़ा ने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जटिलताओं व परेशानियों को दूर कर सरलीकरण पर जोर दिया जाएगा। 2016 के एक्ट के तहत आटिज्म को भी दिव्यांगता की श्रेणी में लाया गया है। आटिज्म वाले बच्चों के लिए बेहतर योजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिव्यांगजनों के उत्थान के जिस उद्देश्य से उन्हेें नि:शक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है उस पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास कर रहे है।
दिव्यांगजनों के सम्मान पर विशेष ध्यान
श्री कावडिय़ा ने कहा कि दिव्यांगजनों के संबंध में होने वाले विभिन्न आयोजनों में उन्हें पूरी सुविधाएं मिले इस बात वे विशेष ध्यान दे रहे है। आयोजनों के दौरान दिव्यांगजनों के सम्मान में कोई कमी न आए इस बात को लेकर संबंधित अधिकारियों व आयोजन कर्ताओं को विशेष निर्देश दिए जाते है। दिव्यांगजनों को अनेक मंच प्रदान कर उनके हुनर को निखारा जाएगा।
प्रोडक्ट मेकिंग के साथ सेलिंग पर भी फोकस
श्री कावडिय़ ने बताया कि नि:शक्तजनो को सरकार आत्मनिर्भर बनाने, स्वरोजगार से जोडऩे तथा उनके हुनर को निखारने पर ध्यान दे रही है। उन्होने ने बताया कि प्रदेश में कई ऐसे नि:शक्तजन है जो देख, सुन नहीं सकते। उसके बाद भी उनके द्वारा कई आकर्षक सजावटी प्रोडक्ट तैयार किये जाते है। साथ ही पूरी तरह हर्बल साबून, फिनायल व अन्य समान भी तैयार किये जाते है। सामान तैयार करने के साथ ही उन्हें सेल करने की ट्रेनिंग भी दी जाती है। रायपुर में हाउसिंग बोर्ड के दो बड़े कमरे किराए पर लिये जा रहे है। जहां दिव्यांग जनो के बनाए गए प्रोडक्ट रिटेल पर बेचे जाएंगे।
दिव्यांगो को इंटरप्रेन्योर बनाने का प्रयास
चर्चा के दौरान श्री कावडिय़ा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज के मुख्यधारा में जोडऩे हेतु उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने व आगे बढ़ाकर इंटरप्रेन्योर बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए न्यूनतम दर पर ऋण की भी सुविधा है। जिन दिव्यांगो को पूर्व में ऋण दिया गया था और पूरा जमा हो चुका उन्हें एनओसी दिलाकर पुन: ऋण दिलाने का प्रयास हो रहा है।
40 सालों से जुड़े है समाजसेवा के कार्य में
उल्लेखनीय है कि लोकेश कावडिय़ा विगत लगभग 40 सालों से समाजसेवा, दिव्यांगजनों, समाज के निम्न वर्गो के उत्थान के कार्य से जुड़े हुए है। उनके इसी सेवाभावना को देखते हुए संभवत: राज्य सरकार द्वारा नि:शक्तजन वित्त विकास निगम आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। वे महावीर इंटरकांटिनेंटल ऑर्गनाइजेशन से जुड़कर लगातार सेवा कार्य कर रहे है।