स्वर्गधाम सेवा समिति द्वारा किया गया अंजान 690 मृतको का तर्पण
प्रख्यात लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ रोशन उपाध्याय ने दिया पितृ तर्पण विषय पर विशेष व्याख्यान

धमतरी। स्वर्गधाम सेवा समिति अनजान पितरों को भी अपने पूर्वजों की तरह पिंडदान व तर्पण कार्यक्रम करता है। इस वर्ष सर्व पितृ मोक्ष अमावश्या पर रूद्रेश्वर महादेव घाट में स्वर्गधाम सेवा समिति 690 अनजान मृतकों को तर्पण आज किया गया। स्वर्गधाम सेवा समिति 2004 से अज्ञात लाशों को सद्गति देने का बीड़ा उठाया है। यह सिलसिला लगातार जारी है। समिति द्वारा सड़े-गले लाशों को भी विधिवत अंतिम संस्कार किया जाता है। यहीं नहीं पितृ पक्ष में हर साल मृतात्माओं की शांति व मोक्ष के लिए सामूहिक पिंडदान कार्यक्रम होता है। आज चित्रोत्पला गंगा नदी के किनारे रूद्रेश्वर धाम रूद्री में सुबह 10 बजे से सामूहिक पिंडदान, तर्पण का कार्यक्रम रखा गया है। दोपहर 12 से 1 बजे तक प्रख्यात लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ रोशन उपाध्याय पितृ तर्पण विषय पर विशेष व्याख्यान देंगे। दोपहर 1 बजे शांति भोज का आयोजन किया गया है। स्वर्गधाम सेवा समिति के महासचिव अशोक पवार ने बताया कि हिन्दू रीति-रिवाज के तहत अनजान लाशों का अंतिम संस्कार उनकी संस्था करती है। अब तक 690 अनजान मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। 2004 से कोरोनाकाल तक भिलाई के शांति घाट से 44 अस्थि को उनके परिजन लेकर ही नहीं गए। राज्यपाल की विशेष अनुमति के बाद स्वर्गधाम सेवा समिति ने सभी 44 अस्थियों का विसर्जन किया। विधिवत इनका तर्पण भी किया जाता है।
इनका हुआ सम्मान
अशोक पवार ने बताया कि कौवा, गाय, श्वान को पितृ दूत माना गया है। धमतरी में ऐसे अनेक सेवाभावी लोग हैं जो निस्वार्थ भाव से उक्त पितृ दूतों की सेवा करते हैं। इनका भी सम्मान इस वर्ष किया गया। इनमें गौ सेवक रूपेश राजपूत, मनीष फूटान, विजयंत रणसिंह, देवेन्द्र फूटान, नीरज पांडे, श्वान सेवक पीयूष पारख, पुष्पेन्द्र वाजपेयी, काजल जैन, सिमरन कौर, भारतेषू मिश्रा, काग सेवक, प्रकाश आडवानी, घायलों की मदद करने वाले वरदान एंबुलेंस सेवा समिति के अध्यक्ष शिवा प्रधान शामिल हैं।
