पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत डबल इंजन की सरकार दे रही डबल सब्सिडी
’श्री ललित चंद्राकर का बिजली बिल हुआ जीरो

*धमतरी, 21 सितम्बर 2025/ पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत डबल इंजन की सरकार अब इस योजना का लाभ लेने वालो कों डबल सब्सिडी दे रही है। ज्यादा बिजली बिल का बोझ हर घर की जेब पर भारी पड़ता था। लेकिन अब इस समस्या का समाधान प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना के रूप में सामने आया है।
*इस योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़े हुए बिजली बिल से राहत दिलाना है। वही उन्हें बिजली उपभोग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत घरों की छत पर सोलर रूफटॉप स्थापित करने पर केंद्र और राज्य शासन द्वारा अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल में राहत मिल रही है। लोग अपनी जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन कर उसे ग्रिड को सप्लाई कर सकते हैं, जिससे न केवल उनका बिजली बिल शून्य हो रहा है।*
*इसी योजना का लाभ उठाकर कुरुद निवासी श्री ललित चंद्राकर ने बताया की तीन माह पूर्व अपने घर की छत पर 3 केवीसोलर रूफटॉप लगवाया। उन्होंने बताया कि संयंत्र चालू होने के साथ ही उनके घर में बिजली उत्पादन शुरू हो गया और पहले ही महीने से ही उनका बिजली बिल शून्य आ रहा है। श्री चंद्राकर ने कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग से न केवल बिजली बिल का बोझ खत्म हुआ है, बल्कि इसके इस्तेमाल से प्राकृतिक संसाधनों की खपत भी कम होगी और पर्यावरण भी संरक्षित होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन्हें 78,000 रुपए की सब्सिडी शासन से प्राप्त हुई है और इस सोलर पैनल पर 25’ साल की गारंटी भी है। उन्होंने कहा कि मात्र 2 से 3 वर्षों में पूरी तरह लागत वसूल हो जाएगी और इसके बाद यह शुद्ध बचत का माध्यम बनेगा।*
*उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस योजना को अत्यंत उपयोगी और सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना हर घर को आत्मनिर्भर बनाने और अन्य ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने लोगों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की लोगों से अपील करते हुए शासन का आभार व्यक्त किया।*
*प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना में पंजीयन और सब्सिडी प्राप्त करने की सरल प्रक्रिया है। उपभोक्ता को योजना की वेबसाइट चउेनतलंहींतण्हवअण्पद या मोबाइल एप पर पंजीयन कर आवेदन करना होता है। पंजीयन के बाद अधिकृत वेंडर संयंत्र की स्थापना करते हैं सत्यापन के पश्चात अनुदान राशि उपभोक्ता के खाते में ऑनलाइन जमा कर सकते है। इस योजना से आमजन को आर्थिक लाभ तो मिल ही रहा है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा भी मिल रहा है।*
