झूलेलाल जन्मोत्सव में 108 महिलाओं ने किया सामूहिक चालीहा पाठ, माहौल हुआ भक्तिमय

धमतरी। सिंधी समाज के इष्ट देवता भगवान साईं झूलेलाल जी के जन्मोत्सव के अवसर पर शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। पांच दिवसीय महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
महोत्सव के दूसरे दिन कोष्टापारा स्थित झूलेलाल मंदिर भवन में झूलेलाल महिला मंडल द्वारा विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस दौरान समाज की 108 महिलाओं ने एक साथ झूलेलाल चालीहा का सामूहिक पाठ, धूनी साहिब किया। महिला मंडल द्वारा यह आयोजन लगातार पांच वर्ष से किया जा रहा है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होती हैं।
इस आयोजन का उद्देश्य समाज की खुशहाली, देश में सुख-शांति और आपसी एकता एवं सद्भावना को बढ़ावा देना रहा। महिलाओं ने पूरे श्रद्धा भाव से भगवान झूलेलाल जी की चालीसा का पाठ करते हुए प्रदेश, जिला और समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भजन कीर्तन चालीसा पाठ धूनी साहिब के बाद भगवान झूलेलाल जी की आरती पल्लव कर समापन किया गया
कार्यक्रम के दौरान भगवान झूलेलाल जी के जन्म की कथा का भी भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें भगवान के जन्म से लेकर जनेऊ संस्कार आदि की जीवंत झांकी के रूप में प्रस्तुत की गई ,पालकी में बाल स्वरूप सजाकर महिलाओं द्वारा जयकारों के साथ स्वागत किया गया। भक्तिमय गीतों पर महिलाएं झूमती और गाती नजर आईं, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।
इस आयोजन में झूलेलाल महिला मंडल की विद्या पंजवानी, कांता नरवानी, शीला भोजवानी, रीता धामेचा, मीना भोजवानी, शिखा नारवानी, भावना धामेचा, शोभा बख्तानी, भारती नारवानी , श्रद्धा चावला,आशा चावला, निकिता नरवानी, गीता पंजवानी, सुनीता पंजवानी, सोनम माधवानी सहित समाज की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं और पूरे कार्यक्रम को सफल बनाया।
सिंधी समाज द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी झूलेलाल जन्मोत्सव को बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
झूलेलाल जन्मोत्सव में 108 महिलाओं ने किया सामूहिक चालीहा पाठ, माहौल हुआ भक्तिमय
धमतरी। सिंधी समाज के इष्ट देवता भगवान साईं झूलेलाल जी के जन्मोत्सव के अवसर पर शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। पांच दिवसीय महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
महोत्सव के दूसरे दिन कोष्टापारा स्थित झूलेलाल मंदिर भवन में झूलेलाल महिला मंडल द्वारा विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस दौरान समाज की 108 महिलाओं ने एक साथ झूलेलाल चालीहा का सामूहिक पाठ, धूनी साहिब किया। महिला मंडल द्वारा यह आयोजन लगातार पांच वर्ष से किया जा रहा है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होती हैं।
इस आयोजन का उद्देश्य समाज की खुशहाली, देश में सुख-शांति और आपसी एकता एवं सद्भावना को बढ़ावा देना रहा। महिलाओं ने पूरे श्रद्धा भाव से भगवान झूलेलाल जी की चालीसा का पाठ करते हुए प्रदेश, जिला और समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भजन कीर्तन चालीसा पाठ धूनी साहिब के बाद भगवान झूलेलाल जी की आरती पल्लव कर समापन किया गया
कार्यक्रम के दौरान भगवान झूलेलाल जी के जन्म की कथा का भी भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें भगवान के जन्म से लेकर जनेऊ संस्कार आदि की जीवंत झांकी के रूप में प्रस्तुत की गई ,पालकी में बाल स्वरूप सजाकर महिलाओं द्वारा जयकारों के साथ स्वागत किया गया। भक्तिमय गीतों पर महिलाएं झूमती और गाती नजर आईं, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।
इस आयोजन में झूलेलाल महिला मंडल की विद्या पंजवानी, कांता नरवानी, शीला भोजवानी, रीता धामेचा, मीना भोजवानी, शिखा नारवानी, भावना धामेचा, शोभा बख्तानी, भारती नारवानी , श्रद्धा चावला,आशा चावला, निकिता नरवानी, गीता पंजवानी, सुनीता पंजवानी, सोनम माधवानी सहित समाज की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं और पूरे कार्यक्रम को सफल बनाया।
सिंधी समाज द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी झूलेलाल जन्मोत्सव को बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

