जी एस टी 2.0 न्यू जनरेशन:देश के भविष्य की नई दिशा, पर सुधार की भी आवश्यकता है -चेंबर प्रदेश उपाध्यक्ष राजा रोहरा

छ ग प्रदेश चेंबर ऑफ कामर्स प्रदेश उपाध्यक्ष राजा रोहरा ने कहा कि जी एस टी 2.0 नई जनरेशन का शुभारंभ है. नवरात्रि के पावन अवसर पर भारत सरकार ने देश के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए नया जी एस टी 2.0 न्यू जनरेशन लागू किया है। यह निर्णय देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने तथा व्यापार को नई दिशा देने के उद्देश्य से लिया गया है.खाद्य पदार्थों पर राहत,आवश्यक वस्तुओं और खाद्य सामग्री पर कर कम होने से आम नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा।सामान्य श्रेणी के इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते होंगे, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी।कर संरचना में कमी आने से ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस का उद्देश्य एक समान कर प्रणाली लागू कर करदाताओं को सरलता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करना है।हालांकि इस सुधार के सकारात्मक पहलू हैं, किंतु कपड़ा बाजार अभी भी चुनौतियों का सामना कर रहा है।सरकार ने कपड़ों की जी एस टी सीमा 1000 से बढ़ाकर 2500 रुपये तक 5 प्रतिशत कर दी है।लेकिन वर्तमान परिदृश्य में ब्रांडेड एवं गुणवत्तापूर्ण वस्त्रों की कीमत प्रायः 2599 रुपये से शुरू होती है, जिस पर अब 18 प्रतिशत जी एस टी लागू होगा, जबकि पहले यह 12 प्रतिशत था इसका अर्थ है कि आम उपभोक्ता और मध्यम वर्ग को अतिरिक्त 6 प्रतिशत का भार उठाना पड़ेगा।परिणामस्वरूप कपड़ा व्यापारियों पर भी इसका असर पड़ेगा और उनकी बिक्री प्रभावित हो सकती है।
सुधार की आवश्यकता
जी एस टी 2.0 के शुभारंभ को एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, किंतु विशेषज्ञों का मानना है कि वस्त्र उद्योग में टैक्स दरों पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को वास्तविक राहत मिल सके।एक संतुलित कर ढांचा तैयार कर व्यापार और उपभोक्ता दोनों का हित सुनिश्चित किया जाये.
