नगर निगम में डीजल संकट गहराया: हाईवे पर खड़ी हुई जेसीबी, विपक्षी पार्षदों ने धक्का मारकर किया सांकेतिक प्रदर्शन

नगर निगम धमतरी में डीजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। निगम के भीतर डीजल को लेकर चल रही चर्चाएं अब सड़कों तक पहुंच चुकी हैं। आज सोरिद वार्ड में सफाई कार्य के दौरान नगर निगम की एक जेसीबी मशीन डीजल खत्म होने के कारण बीच मेन हाईवे पर ही बंद हो गई। यह स्थिति करीब ढाई घंटे तक बनी रही।डीजल खत्म होने से सड़क के बीच खड़ी जेसीबी ने न केवल आवागमन बाधित किया, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सूचना मिलते ही विपक्षी पार्षद मौके पर पहुंचे और नाराजगी व्यक्त करते हुए सांकेतिक रूप से जेसीबी को धक्का मारकर विरोध प्रदर्शन किया।
नगर निगम के उपनेता प्रतिपक्ष श्री देवांगन ने कहा नगर निगम में हर दिन नई घोषणाओं की बात की जाती है, परंतु आज तक किसी भी कार्य का भूमिपूजन तक नहीं हुआ। विकास कार्यों का नाम केवल कागज़ों में सीमित रह गया है। अब स्थिति यह हो गई है कि निगम अपने वाहनों में डीजल तक नहीं डलवा पा रहा है। सवाल उठता है कि आखिर डीजल जा कहां रहा है? क्या निगम में अब भी डीजल चोरी का खेल जारी है?उन्होंने आगे कहा कि नगर निगम की मौजूदा वित्तीय स्थिति अत्यंत दयनीय है। नगर निगम कंगाली की स्थिति में पहुंच चुका है। जनता के टैक्स से चलने वाला यह संस्थान अब मूलभूत कार्यों के लिए भी संघर्ष कर रहा है।पूर्व पार्षद सोमेश मेश्राम ने कहा नगर निगम में डीजल की कमी कोई नई बात नहीं है। कई बार वार्ड पार्षदों को यह कहकर वाहन नहीं दिए जाते कि डीजल उपलब्ध नहीं है। सवाल यह है कि जब निगम के पास हर माह डीजल का बजट स्वीकृत होता है, तो फिर डीजल की कमी क्यों बनी रहती है? आखिर यह डीजल जाता कहां है?” गजानंद रजक ने कहा निगम के वाहन अगर कार्य स्थल पर डीजल खत्म होने से बंद हो रहे हैं तो यह प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। एक ओर जनता को विकास कार्यों का सपना दिखाया जा रहा है और दूसरी ओर निगम के वाहन ईंधन के लिए तरस रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक स्थिति है।