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मोंथा तूफान से बदला मौसम का मिजाज : धान की अर्ली वैरायटी व सब्जी फसल को हुआ नुकसान

खेतो में चटाई की तरह बिछ गई कई हेक्टेयर धान की फसल, खेतो में भरा पानी


धमतरी। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण मोंथा तूफान से देश के कई तटीय राज्य प्रभावित हुए है। उक्त तूफान का असर छत्तासगढ़ में भी पड़ा है। धमतरी जिल में भी तूफान के चलते किसानो की चिंता बढ़ गई।
मोंथा चक्रवात के चलते बे-मौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पिछले कई दिनों से मगरलोड ब्लॉक सहित अन्य ब्लॉको में वर्षा का दौर जारी है, जिसके चलते कृषि कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। अर्ली वैरायटी का धान पककर तैयार हो चुका है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता ने कटाई कार्य रोक दिया है। साथ ही खड़ी फसल तेज हवाओं व बारिश के चलते खेतो में चटाई की तरह बिछ गई है जिससे धान की बालियां झड़ गई है। जिससे किसानों को ऐन मौके पर भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस प्रकार सब्जी उत्पादको को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बता दे कि फूलगोभी, करेला टमाटर, पत्तागोभी सहित अन्य सब्जियों व भाजियों को नुकसान हुआ है। इससे सब्जियों के दाम भी बढ़ रहे है।
बता दे कि जिले सहित प्रदेश भर में तीन प्रकार के धान की खेती हो रही है। जल्दी धान की फसल तैयार करने अर्ली वैरायटी, मध्यम समय वाले मीडियम वैरायटी, पूर्ण समय वाले लेट वैरायटी शामिल है। वर्तमान में मौसम में बदलाव का असर सबसे ज्यादा अर्ली वैरायटी पर पड़ा है। मगरलोड ब्लाक में इस वर्ष अधिकांश किसानों ने स्वर्णा किस्म का धान बोया है, जिसमें अब बालियां लगने लगी हैं। अगर आगामी दिनों में मौसम साफ रहा तो लगभग 20 दिनों में स्वर्णा धान की कटाई आरंभ हो जाएगी। धान पूरी तरह पक चुका है, लेकिन लगातार बारिश के कारण कटाई नहीं कर पा रहे हैं। फसल खराब होने का डर सताने लगा है। अगर दो-तीन दिन में मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान होना तय है।
मौसम की मार के साथ बीमारियों का खतरा
लगातार हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। धान की फसल में इन दिनों भूरा महू और चाप जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। फसलों को बचाने के लिए किसान लगातार कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। कृषि विस्तार अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि फसलों में रोग फैलने की स्थिति में अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करें। मौसम सामान्य होते ही जल्द से जल्द कटाई कार्य प्रारंभ करें।

” मौसम में बदलाव बारिश से अर्ली वैरायटी के धान व सब्जी फसल को नुकसान हुआ है नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। ÓÓ
मोनिश साहू
उपसंचालक – कृषि विभाग धमतरी

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