वंदे मातरम् कार्यक्रम पूरे जिले में उत्साहपूर्वक सम्पन्न-उमेश साहू

धमतरी। आज जिलेभर में वंदे मातरम् का ऐतिहासिक, भव्य और राष्ट्रभावना से परिपूर्ण आयोजन अत्यंत गरिमा और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप यह कार्यक्रम जिले के सभी शासकीय–अशासकीय विद्यालयों, निजी शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों, प्रशासनिक कार्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में एक साथ आयोजित किया गया।
जिले के हज़ारों विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी और नागरिकों ने राष्ट्रमाता को नमन करते हुए एक स्वर में वंदे मातरम् का सामूहिक गान किया, जिससे पूरा जिला देशभक्ति की धारा से सराबोर दिखाई दिया।
धमतरी के सोरम उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय में वंदे मातरम् कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। जिला मीडिया प्रभारी श्री उमेश साहू ने विद्यार्थियों को वंदे मातरम् की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर प्रेरक उद्बोधन देते हुए कहे कि वंदे मातरम् केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति समर्पण, स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। सन 1905 के बंग-भंग आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता की अंतिम विजय तक यह गीत हजारों स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरणा बना। ‘मां’ की पुकार ने युवाओं में साहस भरा और देश को एकता के सूत्र में पिरोया। आज की पीढ़ी को भी इसकी गरिमा समझते हुए राष्ट्रहित में योगदान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में देशभक्ति, अनुशासन और नैतिकता को सर्वोच्च स्थान दें।
उनके ऐतिहासिक विचारों ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों में नई ऊर्जा और राष्ट्रभावना जगाई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस ने कहा कि वंदे मातरम् हमारे राष्ट्रीय सम्मान व समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह कार्यक्रम पूरे जिले की एकता और देशभक्ति को मजबूत करता है। केंद्र और प्रदेश नेतृत्व का उद्देश्य है कि हर नागरिक राष्ट्रगीत के संदेश को आत्मसात करे। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि वंदे मातरम् ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। जिस समय अंग्रेजों की सत्ता बेहद कठोर थी, उस समय यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए तेज, त्याग और संघर्ष का प्रेरणा-स्रोत बना।इस गीत ने करोड़ों भारतीयों को अपने मातृभूमि के लिए खड़े होने की शक्ति दी। आज जब हम वंदे मातरम् का गान करते हैं, तो हम अपने उन वीरों को नमन करते हैं जिन्होंने ‘मां’ को सर्वोपरि मानकर अपने प्राणों की आहुति दी। हमें इस गीत की गरिमा हर पीढ़ी तक पहुँचानी है।नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने वंदे मातरम् की भावनात्मक महत्ता पर बोलते हुए कहा कि यह गीत भारत की धरती, संस्कृति, जल, वायु और संपूर्ण प्रकृति का आदर है।जब हम वंदे मातरम् कहते हैं, तो हम केवल मातृभूमि को प्रणाम नहीं करते, बल्कि उसके हर कण, हर नागरिक और हर संस्कृति को सम्मान देते हैं। इसी भावना ने भारत को हजारों वर्षों से एकता के सूत्र में बांधकर रखा है।
उन्होंने बच्चों और युवाओं को इस राष्ट्रगीत की ऐतिहासिकता समझने की अपील की।पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष नेहरू निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन रहा है। उन्होंने बताया कि इस गीत ने समाज के हर वर्ग गरीब, किसान, श्रमिक, विद्यार्थी और महिलाओं को एक साथ खड़ा किया साथ ही वंदे मातरम् हमें बताता है कि भारत माता किसी एक वर्ग, जाति या क्षेत्र की नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक पहचान है। इसे गाना हमारे देश के प्रति कर्तव्य निभाने की शपथ है।निषाद ने कहा कि आज जब पूरा जिला एक स्वर में राष्ट्रगीत गा रहा है, यह हमारी एकता, अनुशासन और राष्ट्रीय चरित्र का प्रमाण है।
