खेल-खेल में शिक्षा सीखना सबसे बेहरतीन तरीका- बलजीत छाबड़ा
एफएलएन मेला में 48 स्टॉल लगाकर बच्चों का किया गया आंकलन, कमजोर बच्चों का चिन्हांकन

नगरी। राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार राज्य के सभी प्राथमिक विद्यालयों में 14 नवंबर को एफएलएन मेला का आयोजन किया गया। नई शिक्षा नीति के निपुण भारत अभियान के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एफएलएन मेला का आयोजन किया किया गया जिसमें विभिन्न अवधारणाओं के द्वारा बच्चों का बच्चों के द्वारा आंकलन किया गया। नगरी संकुल के इस मेले में भाषा, गणित, अंग्रेजी और बालवाड़ी के 48 स्टाल लगाए गए थे। अवधारणा स्टाल का संचालन विद्यालय के बच्चों ने किया और सभी बच्चे विभिन्न स्टाल पर जाकर गतिविधियां किया। मेले में विद्यार्थियों के आंकलन के बाद कमजोर बच्चों का चिन्हांकन कर उपचारात्मक शिक्षण देकर उनका अधिगम स्तर बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। नगर पंचायत नगरी के प्राथमिक शाला दुर्गा चौक, बांधापारा, चुरियारापारा, जंगलपारा, कोटपारा, राईसमिल पारा के सम्मिलित नेतृत्व में यह मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा, उपाध्यक्ष विकास बोहरा एवं पार्षदों की उपस्थिति में हुआ। श्री छाबड़ा ने कहा कि खेल-खेल में शिक्षा सीखना सबसे बेहरतीन तरीका है। जिला प्रशिक्षण प्रभारी कैलाश सोन ने बताया कि करके देखबो, सीख के रहिबो थीम पर आधारित यह एफएलएन मेला बच्चों के आंकलन का बहुत ही सरल और रोचक तरीका है। डाइट नगरी एफएलएन प्रभारी संगीता रणघाटी ने बताया कि पूरे जिले के 873 प्राथमिक विद्यालयों में एफएलएन मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोचन साहू, उमेश सोम, हुलास सूर्याकर, दीपनारायण दुबे, चमन साहू, जस साहू, मेनका सोम, विद्यावती सोम, अफसाना बेगम, किरणलता शांडिल्य, हेमलता निर्मलकर, जेके सोनी, यसवंतीन अग्रवाणी, पूर्णिमा साहू, नीतू गुप्ता, ऋतु बघेल, वंदना सोनी आदि का सहयोग रहा।
