एसपी की अध्यक्षता में यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट ऑपरेशनल कमांड की उच्चस्तरीय समन्वय बैठक सम्पन्न
नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष फोकस

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण हेतु संयुक्त रणनीति, समन्वय एवं सख्त कार्यवाही पर लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय*l
जिले में नक्सल उन्मूलन एवं आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट ऑपरेशन की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक पुलिस अधीक्षक कार्यालय, धमतरी के सभा कक्ष में आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार द्वारा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स.), एसडीओपी नगरी, विशेष आसूचना शाखा प्रभारी, नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी, डीआरजी, सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा,जंगल एवं दुर्गम क्षेत्रों में संदिग्ध नक्सली गतिविधियों, ग्रामीणों पर माओवादी दबाव तथा हालिया नक्सली घटनाओं का समग्र विश्लेषण किया गया। संयुक्त एवं समन्वित कार्ययोजना का निर्माण
सीआरपीएफ, सी ए एफ, जिला पुलिस, डीआरजी एवं एसआईबी के मध्य त्वरित सूचना-साझाकरण, संयुक्त सर्च ऑपरेशन एवं नियमित गश्त हेतु साझा एस ओ पी एवं रणनीतिक कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।खुफिया तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर
केंद्रीय एवं स्थानीय आसूचना एजेंसियों के बीच त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने, स्थानीय मुखबिर नेटवर्क को सक्रिय करने तथा सूचनाओं की गुणवत्ता व विश्वसनीयता बढ़ाने पर बल दिया गया. जनसंवाद एवं जनभागीदारी को सशक्त बनाने की रणनीति
ग्रामीण अंचलों में सामुदायिक पुलिसिंग, स्वास्थ्य शिविर, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन का विश्वास अर्जित कर नक्सली प्रभाव को कमजोर करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
नक्सल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक पहल शामिल रहा.बैठक में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित करने एवं प्रभावी पुनर्वास नीति के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।
एसपी सूरज सिंह परिहार ने कहा
नक्सल समस्या का समाधान केवल बल प्रयोग से नहीं, बल्कि सटीक खुफिया जानकारी, आपसी समन्वय और जनभागीदारी से संभव है। जिले में सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल को और अधिक मजबूत किया जा रहा है ताकि नक्सल गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार किया जा सके।सभी सुरक्षा बलों के बीच नियमित संवाद और समन्वय अत्यंत आवश्यक है। ऑपरेशनल सफलता तभी संभव है जब हर एजेंसी पारदर्शिता, तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे।बैठक के समापन पर यह निर्णय लिया गया कि समन्वय बैठकें प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, जिनके आधार पर सभी ऑपरेशनल गतिविधियों की निरंतर समीक्षा एवं आगामी रणनीति तय की जाएगी।जनसहयोग, सशक्त खुफिया तंत्र एवं संयुक्त कार्यवाही के त्रिस्तरीय दृष्टिकोण को अपनाते हुए नक्सल विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी एवं तीव्र गति प्रदान करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।नक्सल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक पहल के तहत बैठक में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित करने एवं प्रभावी पुनर्वास नीति के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस किया गया।
बैठक में विशेष रूप से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स.) शैलेन्द्र पांडेय,एसडीओपी नगरी श्री रंगारी,रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा,छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल कैम्प सिहावा, बहीगांव, खल्लारी के प्रभारी,डीआरजी नगरी,थाना प्रभारी नगरी, सिहावा, बोराई, मेचका, दुगली, मगरलोड एवं खल्लारी,विशेष आसूचना शाखा प्रभारी, जिला धमतरी,सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

