अलविदा 2025 : धमतरी के विकास के कई सपने रहे अधुरे, तो मिली कई नई सौगाते
2026 में मिलेगी बड़ी रेल लाईन, हाईटेक बस स्टैण्ड, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित कई बड़ी सौगाते
2025 में गोकुल नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, गोल बाजार निर्माण, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज सहित कई मांग रह गई मांगे ही

धमतरी। साल 2025 अंतिम दौर में है और नये वर्ष 2026 का आगमन होने वाला है। इसी बीच साल 2025 धमतरी के लिए कैसा रहा इस पर लोगो में चर्चा हो रही है। जनता के अनुसार 2025 विकास की दृष्टि से धमतरी जिले के लिए मिलाजुला रहा। एक ओर जहां अरबो के विकास कार्यो की स्वीकृति मिली, वहीं कई दशकों पुरानी मांग आज भी मांग ही बनी हुई है। जो स्वीकृति पूर्व में मिली है उनका लाभ धरातल पर आमजनता के लिए 2026 से मिल पायेगा।
2025 में भी सालों, दशकों से चली आ रही कई बहुप्रतिक्षित मांग जिनमें मेडिकल, इंजीनियरिंग व अन्य व्यवसायिक कॉलेज की रही। जो इस बार भी पूरी नहीं हो पाई। वहीं गोकुलनगर की आवश्यकता शहरवासियों को इस बार काफी खला। आवारा मवेशियों से जनता साल भर परेशान रही है। यातायात जाम, गंदगी, के साथ ही सड़क हादसों का कारण भी आवारा मवेशी बने। निगम द्वारा औपचारिकता हेतु कभी-कभी धरपकड़ अभियान चलाया जिससे आमजनता को कोई राहत नहीं मिली। इस लिए गोकुलनगर की कमी सर्वाधिक खली। शहर के मुख्यमार्गो के किनारे खड़े भारी मालवाहक वाहने भी कई बार हादसे की वजह साबित हुई। इसलिए ट्रांसपोर्ट नगर की भी मांग रही, लेकिन यह भी पूरी नहीं हो पाई। दशकों पुराना गोलबाजार जर्जर हो चुका है जिसका पुन: निर्माण आवश्यक है। इस साल भी यह मांग पूरी नहीं हो पाई।
जर्जर व धूल भरी सड़क, बदलहाल ड्रेनेज सिस्टम व डाक्टरों की कमी की समस्या से भी नहीं मिली राहत
साल 2025 में लोग जर्जर व धूल भरी सड़को से परेशान रहे। बारिश के मौसम में जहां गड्ढो से आवागमन मुश्किल रहा व धूल ने भी लोगो को काफी परेशान किया। यह समस्या आज भी बनी हुई है। इस बार भी बारिश के चौमासे में शहर के कई हिस्से जलमग्न हुए। निगम की स्वच्छता व निकासी व्यवस्था की एक बार फिर खुली। ड्रेनेज सिस्टम एक बार फिर से फेल साबित हुआ। कुत्तों की बढ़ती संख्या दूर नहीं हो पायी। हजारों कुत्तों के बीच 500 कुत्तों की नसबंदी नाकाफी साबित हुई। डाक्टरों की कमी से साल भर लोग परेशान रहे। धान खरीदी में अव्यवस्था के आरोप लगते रहे है। एआई कैमरो के हजारों के चालान से लोग परेशान हुए। जमीन नई गाईड लाईन दर से बवाल हुआ।
2026 की उम्मीदें
2026 में नई उम्मीदें नजर आ रही है। आडोटोरियम निर्माण हेतु करोड़ो की राशि स्वीकृत हुई है, लेकिन काम शुरु नहीं हो पाया है। 2026 में संभवत: आडोटोरियम जनता को समर्पित हो पायेगा। रत्नाबांधा से मुजगहन व सिहावा चौक से नहर नाका चौक तक फोरलेन सड़क हेतु 103 करोड़ की स्वीकृति हाल ही में मिली है। बड़ी रेल लाईन का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। मार्च 2026 में ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगभग पूर्णत: की ओर है। 2026 से इसका लाभ मिलेगा। हाईटेक बस स्टैण्ड के िलिए 18 करोड़ की स्वीकृति मिली है, टेंडर हो चुका है, 2026 में काम शुरु होगा। नालांदा परिसर की स्वीकृति मिली है। गंगरेल में टेमनी आयलैंड को टूरिस्ट पैलेस के रुप में विकसित किया जा रहा है। जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ट्रामा यूनिट की बिल्डिंग बन कर तैयार हो चुकी है नये वर्ष में इसकी सुविधा मिलेगी। अर्जुनी में 25 करोड़ की लागत से नये विद्युत सब स्टेशन बन रहा है। 60 प्रतिशत कार्य हो चुका है। 2026 में कार्य पूर्ण हो जाएगा। स्मार्ट प्रीपेड सुविधा 2026 से मिलेगी।
