अधिकारी कर्मचारी हड़ताल में कर रहे आवाज बुलंद, शासकीय दफ्तरो में पसरा सन्नाटा
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी

धमतरी। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय निर्णय अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कल से तीन दिवसीय हड़ताल शुरु किया गया है। जिसके आज दूसरे दिन भी अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर गांधी मैदान में डटे रहे।
हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख वादों विशेष कर मोदी की गारंटी की तहत किए गए घोषणाओं आश्वासनों को लागू करने में राज्य सरकार उदासीन रवैया अपना आ रही है, जिससे कर्मचारियों को भारी आक्रोश है। मांगों को लेकर कई बार सरकार को ज्ञापन सौंपकर उनकी घोषणा को याद दिलाया जा चुका है, सरकार के इस ढुलमुल रवैया और वादा खिलाफी के खिलाफ हड़ताल में प्रदेश सहित धमतरी जिले के कर्मचारी अधिकारी शामिल रहें। कर्मचारियों की मांगो में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान, प्रदेश के कर्मचारी व पेंशनरो हेतु मोदी की गारंटी अनुसार केन्द्र के समान तीन प्रतिशत मंहगाई भत्ता, मोदी गारंटी अनुसार जुलाई 2019 से समय-समय पर देय मंहगाई भत्ता के लंबित एरियर्स राशि का समायोजन खाते में की जाय। मध्यप्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ के सेवको को 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदी करण सहित अन्य मांगे शामिल है।
शासकीय कामकाज ठप्प, स्कूलो में पढ़ाई प्रभावित
अधिकारी- कर्मचारियों के हड़ताल में बैठने से कई शासकीय विभागों में कामकाज बुरी तरह से बधित हुआ। इसका खमियाजा कार्यालय में काम लेकर पहुंचने वाले जरुरतमंदो को कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं कई शासकीय स्कूलो में पढ़ाई नहीं हो पा रही है। जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
