महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी पहल:स्त्री परियोजना के माध्यम से जिले में 10 हजार से अधिक महिलाएं होंगी लाभान्वित

धमतरी- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की विशेष पहल पर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन धमतरी एवं एनआईटी रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से स्त्री (स्किल डेवलपमेंट थ्रू टेक्नोलॉजिकल रिसोर्सस फॉर एमपीओवेरिंग इकोनॉमिक्स ग्रोथ ऑफ़ वूमेन) परियोजना के अंतर्गत एमओयू, दिल्ली में किया गया है। जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर सीईओ जिला पंचायत गजेंद्र सिंग ठाकुर और सहायक संचालक कौशल विकास शैलेन्द्र गुप्ता मौजूद रहे।
धमतरी जिले के चयन का प्रमुख कारण जिले का 52 प्रतिशत वन क्षेत्र होना, ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं की बड़ी आबादी, हैंडलूम गतिविधियों की व्यापक संभावनाएं तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की संभावनाएं हैं। इस परियोजना का क्रियान्वयन एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा किया जा रहा है, जो एक सेक्शन-8 कंपनी एवं टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर है।यह परियोजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसके तहत जिले में 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता से महिला कौशल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना में सहयोग प्राप्त होगा। इस परियोजना का क्रियान्वयन एनआईटी रायपुर के सहयोग से किया जाएगा, जिसके माध्यम से महिलाओं एवं महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों को तकनीक आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण, आदिवासी एवं शहरी महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
स्त्री परियोजना के माध्यम से जिले में स्किल सैटेलाइट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। । इस पहल से 10 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित होंगी तथा 155 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा 55 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के साथ-साथ 35 कौशल प्रशिक्षण एवं तकनीकी हस्तांतरण परियोजनाओं के जरिए समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसका लाभ डी बी टी पोर्टल के माध्यम से सीधे हितग्राहियों तक पहुंचेगा।
परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को कोसा (रेशम) से फाइबर निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण, फाइबर की सफाई व सुखाने की प्रक्रिया, बुनाई हेतु फाइबर तैयारी, आधुनिक बुनाई तकनीक, उत्पाद डिजाइन एवं विकास जैसे कपड़े, मैट और बैग निर्माण के साथ-साथ उद्यमिता विकास कार्यक्रम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे महिलाओं की रोजगार क्षमता और उद्यमिता में वृद्धि होगी, महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों को मजबूती मिलेगी, पारिवारिक आय में सुधार होगा तथा समुदाय आधारित सतत विकास मॉडल को बढ़ावा मिलेगा।