शंकराचार्य के अपमान पर जिला कांग्रेस ने जताया विरोध, भाजपा सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, विधायक ओंकार साहू व अंबिका मरकाम ने बताया सनातन धर्म का अपमान


धमतरी। प्रयागराज माघ मेले के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित दुव्र्यवहार और उन्हें नोटिस जारी किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने इसे हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं पर सीधा हमला बताया है। जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा की भाजपा सरकार ने आधी रात को नोटिस भेजकर न केवल एक प्रतिष्ठित धर्मगुरु का अपमान किया, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का भी उल्लंघन किया है। आगे कहा कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य को नोटिस भेजकर यह कहना कि सरकार उन्हें शंकराचार्य नहीं मानती, सत्ता के घमंड की पराकाष्ठा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मुद्दे पर चुप्पी को पूरा देश देख रहा है और उन्हें इसके लिए माफ नहीं करेगी। ओंकार साहू ने सवाल उठाया कि अगर इतिहास में किसी विदेशी शासन ने भी इस परंपरा को नहीं छेड़ा, तो आज लोकतांत्रिक सरकार को किसने अधिकार दिया कि वह संतों को रोकने लगे। सिहावा विधायक अंबिका मरकाम ने कहा की जिस शंकराचार्य को सनातन परंपरा में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है, उनके शिष्यों के साथ मारपीट और दुव्र्यवहार किया जाना यह दिखाता है कि बीजेपी सरकार संत समाज को किस नजर से देखती है. इस घटनाक्रम के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जता चुके हैं।

