कुरूद में एमएसएई-सीडीपी योजना अंतर्गत राइस मिल क्लस्टर (सीएफसी) गठन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

धमतरी। कलेक्टर के निर्देशानुसार कुरूद में राइस मिल उद्योग के समग्र एवं सतत विकास को गति देने के उद्देश्य से एमएसएमई-क्लस्टर विकास कार्यक्रम (सीडीपी) योजना अंतर्गत राइस मिल क्लस्टर के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर गठन संबंधी एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक अनुविभागीय दण्डाधिकारी, कुरूद नभ सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें कुरूद राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं क्षेत्र के प्रमुख राइस मिलर्स ने सहभागिता की। बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, धमतरी के प्रबंधक प्रशांत चंद्राकर द्वारा योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने योजना के उद्देश्यों, क्लस्टर आधारित विकास की अवधारणा, उपलब्ध शासकीय वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन, लागत में कमी, उत्पादन गुणवत्ता में सुधार तथा प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने जैसे लाभों पर प्रकाश डाला। साथ ही यह भी बताया गया कि क्लस्टर मॉडल के माध्यम से छोटे एवं मध्यम उद्योगों को साझा अधोसंरचना सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। बैठक के दौरान राइस मिलर्स द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखते हुए अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ईटीपी) एवं सोलर एनर्जी जैसी साझा सुविधाओं के विकास हेतु विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के माध्यम से उऋउ गठन पर सहमति व्यक्त की गई। मिलर्स ने योजना के प्रति सकारात्मक रुख अपनाते हुए क्लस्टर गठन में सक्रिय सहभागिता का आश्वासन दिया। अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नभ सिंह ने कहा कि एमएसएमई-सीडीपी योजना के माध्यम से राइस मिल उद्योग को आधुनिक तकनीक, पर्यावरण अनुकूल ढांचे एवं बेहतर बाजार अवसर प्राप्त होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में कुरूद राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हितेन्द्र केला सहित क्षेत्र के समस्त प्रमुख राइस मिलर्स उपस्थित रहे। बैठक को राइस मिल उद्योग के संगठित एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।