Uncategorized

जीवन को संवारने के लिए शास्त्र ही संजीवनी बूटी होता है-श्री संकर्षण शरण जी

धमतरी-रुद्री रोड हनुमान मंदिर में चल रही हनुमान कथा के अंतिम दिन में परम पूज्य गुरुदेव श्री संकर्षण शरण जी (गुरुजी) ने हनुमान जी की महिमा का वर्णन करते हुए यह बताएं कि हम सबके पास कोई ना कोई समस्याएं हैं और हम सब अपने जीवन में भटक चुके हैं और हमको सही मार्ग दिखाने के लिए संजीवनी बूटी अर्थात ज्ञान की आवश्यकता है और यह संजीवनी बूटी का पता गुरु बताते है। संजीवनी बूटी का ज्ञान हमे नहीं है तो हनुमान जी पर्वत को ही उठाकर गुरुदेव को दे देते है , मानस में कहा गया है, पावन पर्वत वेद पुराणा पर्वत ही हमारे वेद है अर्थात शास्त्र को सच्चे लोगों को ,अच्छे लोगों को, जानकार लोगों को ,तत्वदर्शी जो वास्तविक ज्ञानी है उसके सामने रख दीजिए कि हमारे पास भी पर्वत (वेद) है इसका नाम है गीता, महाभारत, भागवत , मानस , कोई भी पर्वत वेद हो गुरु के सामने रखकर आपनी समस्याएं भी बता देना चाहिए गुरुजी समस्या देखेंगे ज्ञानी आपकी समस्या सुनेगा और उस समस्या का निवारण इसी पर्वत (शास्त्र) में ढूंढेगा की कौन सी बूटी आपको काम आएगी जो आपको मूर्छा से सजग कर देगी गुरु जी उस बूटी को निकाल कर चुन कर दे देंगे। यह देखो तुम्हारा समाधान यहां पर है। तो कहीं गीता से, मानस से भागवत,हनुमान चालीसा,देवी भागवत, सब कुछ संजीवनी बूटी के रूप में जिंदगी को संवारने का काम करते हैं । हम सबको मूर्छा से भटकाव से जागने के लिए संजीवनी बूटी की ही आवश्यकता है हम सब संसार में मूर्छित है भटक चुके हैं और इसीलिए जीवन में समस्याएं आती है संजीवनी बूटी का पता हमें सच्चे गुरु ही बताते हैं अर्थात गुरु ही सही रास्ता दिखाते हैं। काफी संख्या में लोगों की भीड़ रही, कल 7 बजे से दिव्य और अलौकिक जड़ी बूटियों से हवन किया जाएगा ।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!