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हजारो किसानों धान बेचने से है वंचित : सरकार को 15 फरवरी तक बढ़ानी चाहिए धान खरीदी की तिथि – कविता योगेश बाबर

जिला पंचायत सदस्य व वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा जबरदस्ती धान समर्पण कराकर अन्नदाताओं को किया जा रहा परेशान

शुरुआत से ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी रही अव्यवस्थित, किसान होते रहे परेशान

धमतरी। 15 नवम्बर से धान खरीदी प्रदेश भर में प्रारंभ हुआ, लेकिन जब से धान खरीदी शुरु हुआ है तब से धमतरी जिले सहित प्रदेश भर में अव्यवस्था हावी रही। नतीजन अन्नदातों को इसका खामियाजां भुगतना पड़ा उक्त बाते जिला पंचायत सदस्य कविता बाबर व वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेश बाबर ने कही।
उन्होने कहा कि कल धान खरीदी का अंतिम दिन है। लेकिन अभी तक हजारो किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए है। ऐसे में उनकी मेहनत व लागत पर पानी फेर जाएगा। हजारों किसान धान न बेच पाने के कारण कर्ज के बोझ तले दब जाएगें। उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी। इस समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को धान खरीदी की तिथि कम से कम 15 दिनों के लिए बढ़ानी चाहिए। धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हुई है। शुरुआत में सोसायटी कर्मचारियों के हड़ताल से अव्यवस्था बनी फिर टोकन कटाने में किसान परेशान हुए। फिर सूखत व क्वालिटी के नाम पर किसानों का धान रिजेक्ट कर लौटाया गया। इसके पश्चात साय सरकार संतुष्ट नही हुई तो प्रशासनिक अमले के दम पर रकबा समर्पण का दांव खेला। जिससे हजारों किसान जिले में प्रभावित हुए। किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। घर गोदामो में जाकर छापामार कार्रवाई की गई। और जबरदस्ती धान समर्पण कराया गया। कुल मिलाकर कहा जाए तो विष्णुदेव साय सरकार धान खरीदी के नाम पर अन्नदाताओं के साथ अन्याय करती रही। अब धान खरीदी की तिथि समाप्त होने की चिंता में कई किसान है। ऐसे में सरकार को धान खरीदी की तिथि को बढ़ाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत सदस्य कविता बाबर व वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेश बाबर शुरु से किसानों से हो रहे अन्याय के खिलाफ मुखर रहे है। और इस संबंध में आवाज बुलंद करते रहे है। कांग्रेस द्वारा किसान हित में किये गये सभी आंदोलनो में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर किसानों को राहत दिलाने की मांग करते रहे है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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