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बस स्टैण्ड का यात्री प्रतिक्षालय भगवान भरोसे, निगम न स्वच्छता न सुविधाओं पर दे रही ध्यान

गंदगी बदबू से है लबरेज, जगह-जगह है थूक के निशान, पेयजल की भी नहीं है व्यवस्था


धमतरी। कहा जाता है किसी शहर का बस स्टैण्ड उस शहर की तस्वीर होती है क्योंकि बस स्टैण्ड की व्यवस्थाओं से ही अन्य शहरों के लोग संबंधित शहर की छवि मन में बनाते है। लेकिन इस हिसाब से धमतरी शहर की छवि लोगों में अच्छी बिल्कुल नहीं बन रही होगी क्योंकि यहां नये बस स्टैण्ड में न तो यात्री प्रतिक्षालय में और न ही बाहर स्टैण्ड में सुविधाओं और स्वच्छता की स्थिति ठीक नहीं है।
बस स्टैण्ड के यात्री प्रतिक्षालय वैसे तो नगर निगम के अंडर आता है लेकिन यहां की व्यवस्था देख प्रतीत होता है कि यात्री प्रतिक्षालय भगवान भरोसे है निगम यहां न तो स्वच्छता और न ही सुविधाओं पर ध्यान दे रही है यात्री प्रतिक्षालय हमेशा गंदगी से लबरेज रहता है यहां के फर्श और दीवारे स्वच्छता की पोल खोल रहे है। जगह-जगह थूक के निशान है। दीवारे छते जालों से अटे है। यहां यात्रियों को घुसने ेका भी मन नहीं करता लेकिन मजबूरी में यहां गदंगी के बीच बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। सालों पहले यहां एक एलसीडी टीवी लगा हुआ था जो यात्रियों का मनोरंजन करता था जो कि चोरी हो गया था, जिसकी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. चोर का तो पता नहीं चला। उसके बाद यहां दोबारा टीवी नहीं लग पाया।
वाटर कूलर की सालों से हो रही मांग
यात्रा प्रतिक्षालय के भीतर सालों पहले एक वाटर कूलर था, जिससे यात्रियों को ठंडा पानी मिलता था लेकिन बीते कई सालों से यह सुविधा यात्रियों को नहीं मिल रही है। इसलिए मजबूरन यात्रियों को पानी खरीद कर पीना पड़ता है। गर्मी के चौमासे में अब यह समस्या और बढ़ जायेगी।
दीवारों पर स्वच्छता के नारे, लेकिन नहीं है डस्टबीन
यात्री प्रतिक्षालय के दीवारों पर नगर निगम द्वारा स्वच्छता के कई नारे जैसे स्वच्छता ही सेवा है, शहर को स्वच्छ बनाये, स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता, गीला सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबीन में डाले, लेकिन विडम्बना है कि इतने जागरुकता स्लोगन होने के बाद भी यहां डस्टबीन तक नहीं है ऐसे में कचरा यहां वहां फैला रहता है।
स्तनपान कक्ष का आज तक नहीं हुआ उपयोग

नगर निगम द्वारा यात्री प्रतिक्षालय के भीतर बच्चों को स्तनपान कराने हेतु कक्ष का निर्माण कराया गया है, लेकिन यह सिर्फ पैसो की बर्बादी साबित हुई है क्योंकि जब से कक्ष का निर्माण हुआ है तब से इसे बंद ही रखा गया है। वर्तमान में भी तार अटका कर इसे बंद रखा गया है अब स्थिति ऐसी है कि यहां महिलाएं गंदगी के चलते बच्चों को कक्ष के भीतर स्तनपान नहीं करायेंगे।
कलेक्टर, महापौर, आयुक्त के निरीक्षण से सुधर सकती है व्यवस्था
पूर्व में भी कई बार यात्री प्रतिक्षालय की दुगर्ति रही है। लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण के बाद कुछ हद तक प्रतिक्षालय की व्यवस्था में सुधार आया था, वर्तमान में भी यात्री प्रतिक्षालय में कलेक्टर, महापौर और निगम आयुक्त के निरीक्षण की आवश्यकता है ताकि प्रतिक्षालय में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार हो सकें।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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