मनरेगा कानून में बदलाव का उद्देश्य गरीब, किसान और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाना है – दिग्विजय सिंह कृदत्त
श्री कृदत्त ने कहा केन्द्रीय बजट विकसित भारत की मजबूत नींव है, सभी वर्गो के हितों का रखा गया ख्याल
भाजपा संगठन को मजबूती प्रदान करने लगातार सक्रिय व समर्पित है श्री कृदत्त

धमतरी। वरिष्ठ भाजपा व किसान नेता दिग्विजय सिंह कृदत्त ने कहा कि मनरेगा कानून में बदलाव ग्रामीणो अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने व मजदूरो को उनके अधिकार बेहतर तरीके से प्रदान करने के उद्देश्य से किये जा रहे है।
श्री कृदत्त ने आगे कहा कि यह योजना ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और लोक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, मजदूरों के लिए समर्पित व प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजग़ार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 अब पूर्ववर्ती मनरेगा योजना का स्थान लेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की दिशा में यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। इस कानून का प्राथमिक उद्देश्य गरीब, किसान और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है।
वरिष्ठ भाजपा व किसान नेता दिग्विजय सिंह कृदत्त ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट किसानों, मध्यम वर्ग और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक है। छत्तीसगढ़ के विकास में इसे सहायक माना जा रहा है, विशेषकर बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र में प्रत्यक्ष लाभों पर विशेष जोर दिया गया है। केंद्रीय बजट 2026-27 ऐतिहासिक और समावेशी है। यह बजट सबका साथ, सबका विकास की भावना को और मजबूत करता है तथा मध्यम वर्ग और किसानों को बड़ी राहत देने वाला है, जो देश के उत्थान में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
उल्लेखनीय है कि श्री कृदत्त भाजपा संगठन को मजबूती प्रदान करने लगातार सक्रिय व समर्पित है। पार्टी के विभिन्न आयोजनो में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते है सरकार के कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने जुटे रहते है।
