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ईको-विलेज मॉडल ग्रामीण भारत के लिए आदर्श विकास पथ बन सकता है – अजय चन्द्राकर

ग्रीन विजन हेतु धमतरी वनमंडल के अंतर्गत 45 लाख रुपये की राशि का आवंटन


कुरुद। कुरुद विधानसभा में ऑक्सीजोन के बाद, अब ग्राम पंचायत स्तर पर ईको-पर्यटन और उद्यानों के माध्यम से शुद्ध हवा और सेहत का सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। हाल ही में धमतरी वनमंडल के अंतर्गत 45 लाख रुपये की राशि का बजट आवंटन इसी ग्रीन विजन की अगली कड़ी है, जिसका उद्देश्य गांवों को केवल कांक्रीट का जंगल नहीं, बल्कि प्राकृतिक फेफड़ों से लैस करना है। विधायक अजय चंद्राकर हमेशा से इस बात के पक्षधर रहे हैं कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन अनिवार्य है। उनके इस प्रिय विषय को धरातल पर उतारते हुए, धमतरी के तीन प्रमुख गांवों को मॉडल ईको-विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। धमतरी परिक्षेत्र के ग्राम परखंदा एवं सेमरा बी एवं उत्तर सिंगपुर के ग्राम मेघा में 15-15 लाख की लागत से बनने वाले गार्डन केवल मनोरंजन के केंद्र नहीं, बल्कि औषधीय और छायादार पौधों के संरक्षण केंद्र होंगे। ईको-टूरिज्म के माध्यम से प्राकृतिक सौंदर्य को सहेजा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के द्वार खुलेंगे। इस परियोजना के माध्यम से अजय चंद्राकर का संदेश है कि गांवों की ताजगी ही हमारी असली ताकत है। ऑक्सीजोन के बाद अब हर पंचायत में गार्डन निर्माण से सूक्ष्म जलवायु में सुधार होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईको-विलेज मॉडल ग्रामीण भारत के लिए आदर्श विकास पथ बन सकता है, जहाँ आधुनिक सुविधाएँ और प्राकृतिक संतुलन साथ-साथ आगे बढ़ें।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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