सहकारी व्यवसाय हमारी अर्थव्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है-डॉ दीक्षित
विकसित भारत हेतु सहकारिता नीति पर कार्यशाला का आयोजन

धमतरी-वनांचल क्षेत्र के अंतर्गत नगरी विकासखंड के लैंप्स बेलरगांव के परिसर में जिला सहकारी संघ धमतरी द्वारा 19 फरवरी को केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन टिकेश्वर प्रसाद ध्रुव प्राधिकृत अधिकारी लैंप्स बेलरगांव, दलगंजन मरकाम पूर्व प्राधिकृत अधिकारी लैंप्स बेलरगांव, लीलांबर साहू अध्यक्ष कृषि एवं ग्राम विकास समिति बेलरगांव, आसकरण पटेल संरक्षक कृषि एवं ग्राम विकास समिति बेलरगांव, अमर सिंह पटेल (ग्राम पटेल) बेलरगांव, प्रवक्ता डॉक्टर ए एन दीक्षित की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन व भारत माता के चित्र पर पूजन अर्चन पश्चात अतिथियों के स्वागत उपरांत संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राधिकृत अधिकारी टिकेश्वर ध्रुव ने कहा कि आज के प्रशिक्षण से हमारे कार्य कुशलता में सुधार होगा और हम अपने सदस्यों की बेहतर सेवा कर सकेंगे। पूर्व प्राधिकृत अधिकारी दलगंजन मरकाम ने कहा कि हम सभी सहकारिता के लाभों से परिचित है। हमारा जुड़ाव मुख्यतः कृषि समिति से ही होता है। आसकरण पटेल ने कहा कि सहकारी समिति कृषकों के हित के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। अमर सिंह पटेल ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए सदस्यों से कार्यक्रम के लाभकारी जानकारी से लाभ उठाने अपील की। लीलांबर साहू ने कहा कि इस तरह के आयोजन लगातार आयोजित किए जाने चाहिए। डॉक्टर दीक्षित ने अपने उद्बोधन में कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार ने सभी क्षेत्रों में सुधार एवं सक्रियता हेतु कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। सभी विभाग लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपने विभाग की नीतियों में आवश्यक संशोधन कर रहे हैं। यह सर्वविदित है कि सहकारी व्यवसाय हमारी अर्थव्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह क्षेत्र हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्राण है। अतः ग्रामीण भारत को गतिशील बनाने हेतु वर्तमान सरकार ने सहकारिता क्षेत्र को जीवंत बनाने का संकल्प लेकर 2025 में अपनी नई सहकारिता नीति लागू की है।इस नीति का प्रारूप सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में गठित 48 सदस्यीय समिति ने व्यापक विचार विमर्श के बाद तैयार किया, जिसे 2025 में लागू किया गया। नई सहकारिता नीति सहकार से समृद्धि के उद्घोष को व्यापक बनाने हेतु अनुकूल वातावरण तैयार करने एवं कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आने वाली राजनीतिक, प्रशासनिक बाधाओ को दूर करने पर जोर देती है। सहकारी क्षेत्र के संचालन एवं प्रबंधन में पेशेवर दृष्टिकोण को आवश्यक समझा गया है। नई नीति नित नए तकनीकी परिवर्तनों को आत्मसात करने का लचीला ढांचा प्रदान कर नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली है। परंपरागत सहकारी क्षेत्रों के अतिरिक्त पर्यटन, परिवहन, बीमा और हरित ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में सहकारिता के प्रवेश का मार्ग इस नीति ने खोल दिया है। आवश्यकता है विभागीय अधिकारियों द्वारा इस नीति के प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन की।इस अवसर पर कार्यक्रम मे सहकारी क्षेत्र से जुड़े सदस्य व कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता एवं आभार प्रदर्शन लैंप्स प्रबंधक श्रवण ठाकुर ने किया।

