किसान-युवा-गरीब फिर ठगे गए, यह बजट नहीं, खोखले वादों का पुलिंदा है,दिखावे का बजट, ज़मीनी सच्चाई से कोसों दूर-लेखराम साहू

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लेख राम साहू ने कहा कि यह बजट एक बार फिर किसान, युवा, गरीब, महिलाएँ और छात्राएँ सभी वर्गों को निराश करने वाला साबित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह बजट नहीं, बल्कि खोखले वादों का पुलिंदा है, जो ज़मीनी सच्चाई से कोसों दूर है।
लेख राम साहू ने कहा कि प्रदेश का किसान कर्ज, बढ़ती लागत और गिरती आय से जूझ रहा है, लेकिन बजट में कृषि राहत और समर्थन के ठोस उपाय नजर नहीं आते। युवाओं के लिए स्थायी रोजगार और कौशल विकास की दिशा में कोई प्रभावी रोडमैप नहीं है, जबकि गरीब वर्ग महंगाई और बुनियादी जरूरतों से त्रस्त है।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं और छात्राओं के नाम पर बजट में केवल आकर्षक घोषणाएँ की गई हैं, पर सुरक्षा, उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति, रोजगार से जुड़ी ट्रेनिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ठोस और पर्याप्त प्रावधान नहीं दिखते। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की छात्राओं की वास्तविक जरूरतें इस बजट में पूरी तरह अनदेखी रह गई हैं।
साहू ने आरोप लगाया कि सरकार ने जनहित के मुद्दों पर गंभीरता दिखाने के बजाय प्रचार-प्रधान बजट पेश किया है। पूर्व की घोषणाओं का लेखा-जोखा दिए बिना नए वादे किए जा रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस इस दिखावटी और जनविरोधी बजट को स्वीकार नहीं करेगी और सदन से लेकर सड़क तक किसान, युवा, गरीब, महिलाओं और छात्राओं की आवाज़ पूरी मजबूती से उठाएगी।
