नगर निगम के एक वर्ष पूर्ण होने पर कांग्रेस पार्षदों की तीखी प्रतिक्रिया:निगम में भाजपा का एक वर्ष,विकास शून्य, घोषणाएँ भरपूर

नगर निगम के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कांग्रेस पार्षदों ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने कहा कि,नगर निगम का एक वर्ष पूरी तरह बेहाल रहा है। जिस मार्ग से महापौर स्वयं प्रतिदिन निगम कार्यालय पहुँचते हैं, उसी मार्ग का मरम्मत कार्य एक वर्ष में पूर्ण नहीं हो सका। और ये लोग विकास की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। वास्तविकता यह है कि जनता के साथ केवल छलावा किया गया है। उपनेता प्रतिपक्ष सत्येंद्र विशु देवांगन ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम प्रशासन बिना किसी स्पष्ट विजन के कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाईटेक बस स्टैंड, सड़क चौड़ीकरण, नालंदा परिसर जैसे प्रमुख कार्य पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के विकास मॉडल का परिणाम हैं, जिनका श्रेय वर्तमान महापौर लेने का प्रयास कर रहे हैं।पार्षद योगेश लाल और सूरज गहरवाल ने कहा कि नगर निगम सरकार का एक वर्ष पूर्ण हो चुका है, लेकिन वार्डों में किसी भी प्रकार का ठोस विकास कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। पार्षद निधि के कार्यों का टेंडर तक सुचारु रूप से नहीं कराया जा रहा है, जिसके कारण पार्षद अपने क्षेत्र में विकास कार्य नहीं करा पा रहे हैं। सुमन सोमेश मेंश्राम एवं पूर्णिमा गजानंद रजक ने कहा कि यह नाकामी से भरा एक वर्ष का कार्यकाल रहा है। घोषणाएँ केवल कागजों तक सीमित रह गईं, जमीनी हकीकत शून्य है। वार्डों में एक रूएये का भी ठोस विकास कार्य नजर नहीं आता। शहर की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड में नाम जोड़ने या हटाने जैसे छोटे कार्यों के लिए हितग्राहियों को निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। डिजिटल और सुशासन के दावों के बावजूद आम जनता को राहत नहीं मिल पा रही है। टैक्स बढ़ा दिया गया, लेकिन सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है जगह-जगह गंदगी के ढेर, अधूरी नाली सफाई और परेशान नागरिक इसकी गवाही दे रहे हैं।उमा भागी ध्रुव एवं रामेश्वरी कोसरे ने कहा कि चुनाव के समय पट्टाविहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का वादा किया गया था। जनता को भरोसा दिलाया गया था कि जिनके पास भूमि का पट्टा नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के साथ आवास उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
