फागुन के रंगों के साथ कल काव्य के रंग में घुलेंगे श्रोता, होगी ठहाकों की बौछार
समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा द्वारा होली की संध्या श्री राधाकृष्ण भवन में कराया जा रहा भव्य हास्य कवि सम्मेलन फागुन ठहाका का आयोजन

धमतरी। रंगों के पावन पर्व होली के अवसर पर शहर में हास्य और व्यंग्य की अविरल धारा बहाने के उद्देश्य से धर्मप्रेमी समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा द्वारा परंपरानुसार 4 मार्च, सायं 8 बजे श्री राधाकृष्ण भवन में भव्य हास्य कवि सम्मेलन फागुन ठहाका का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित यह कार्यक्रम होली के उमंग, उल्लास और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनेगा। फागुन के रंगों के साथ जब शब्दों के रंग घुलेंगे, तब श्रोता ठहाकों की ऐसी बौछार में भीगेंगे जो लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी।
देशभर के ख्यातनाम कवि होंगे शामिल
इस हास्य कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से प्रतिष्ठित कविगण अपनी सशक्त और प्रभावशाली प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में श्रृंगार एवं हास्य की सुविख्यात कवयित्री सुश्री पद्मनी शर्मा (दिल्ली) अपनी मधुर अभिव्यक्ति और फागुनी रचनाओं से वातावरण को भावपूर्ण बनाएंगी। आगरा से पधार रहीं ओज एवं हास्य की सशक्त हस्ताक्षर सुश्री योगिता चौहान अपनी चुटीली एवं प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। राजनांदगांव से श्रृंगार एवं हास्य के लोकप्रिय कवि पदम् लोचन मुँहफटअपनी विशिष्ट शैली में व्यंग्य के तीर चलाएंगे। भिलाई से हास्य कवि एवं पैरोडी किंग आलोक शर्मा अपनी पैरोडी और समसामयिक व्यंग्य से दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर करेंगे। रायपुर से लोकप्रिय हास्य कवि रामेश्वर वैष्णव अपनी सहज और प्रभावी प्रस्तुति से कार्यक्रम को नई ऊंचाई देंगे, वहीं सारंगढ़ से पधार रहे हास्य कवि शशि भूषण स्नेही अपनी रचनाओं से फागुन की मस्ती को दोगुना करेंगे।
मनोरंजन के साथ ही समाज में भाईचारे, प्रेम और एकता का संदेश देगा कवि सम्मेलन – राजेश शर्मा

आयोजक पंडित राजेश शर्मा ने नगरवासियों से आग्रह किया है कि वे परिवार सहित उपस्थित होकर इस साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संध्या को सफल बनाएं। निश्चित ही फागुन ठहाका धमतरी की सांस्कृतिक परंपरा में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए होली के रंगों के साथ हंसी के रंगों को भी और अधिक प्रखर करेगा। श्री शर्मा ने कहा यह कवि सम्मेलन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आयोजन समाज में भाईचारे, प्रेम और एकता का संदेश भी देगा। होली जैसे उल्लासमय पर्व पर शब्दों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर व्यंग्य, रिश्तों में मधुरता का संदेश और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण इस आयोजन की विशेषता होगी। श्री राधाकृष्ण भवन में होने वाला यह कार्यक्रम शहर के साहित्यप्रेमियों, युवा वर्ग, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।


