उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में कैमरे में कैद हुई बाघ की तस्वीरें
जनवरी माह में मिले थे पगचिन्ह, पुष्टि हेतु लगाए गए थे ट्रैप कैमरे

धमतरी। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पिछले तीन से चार साल में लगातार टाइगर की मौजूदगी नजर आने लगी है। अभ्यारण्य क्षेत्र में दो अलग अलग बाधों के नजर आने के बाद वर्ष 2025 में तीसरा बाघ यहां नजर आया था जो 6 माह बाद बारनवापारा इलाके में चला गया। इसके बाद हाल ही में इसी साल जनवरी माह में एक बाघ के पगचिन्ह मिलने के बाद उस इलाके में अलग-अलग जगहों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए थे। इन ट्रैप कैमरों में एक बाघ की ताजा तस्वीरें कैद हुई है। हालांकि प्रोटोकाल के चलते वन विभाग के अधिकारी बाघ का लोकेशन बताने से इंकार कर रहे है। लेकिन जिन इलाकों में बाघ की तस्वीरें कैद हुई है। उसके आसपास के गांवों में लोगों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं वन विभाग की टीम पूरी सतर्कता के साथ जंगल में जुटी हुई है। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि अभ्यारण्य क्षेत्र में दो अलग-अलग बाघों की मौजूदगी का पता चला था। उन बाघों के मल का सेम्पल देहरादून भेजा गया था। जिससे पुष्टि हुई है कि मल बाघ का ही है। इसमें से एक बाघ की तस्वीर तो ट्रैप कैमरे में कैद हो चुकी है। लेकिन एक बाघ लापता है जिसकी तलाश वन अमला द्वारा की जा रही है।

