रामनवमी पर ऐतिहासिक पहल: तुमाबुजुर्ग में बनेगा प्राच्य विद्या वैदिक गुरुकुलम्

धमतरी। जिले के ग्राम तुमाबुजुर्ग स्थित मां अंगारमोती गौधाम में रामनवमी के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहल की शुरुआत हुई। यहां प्राच्य विद्या वैदिक गुरुकुलम् के भव्य भवन निर्माण के लिए विधिवत भूमि पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, प्रबुद्धजनों और गौसेवकों की उपस्थिति रही।
इस गुरुकुल के निर्माण का संकल्प स्वर्गीय राकेश गुप्ता (दाऊजी) की स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शशि गुप्ता द्वारा लिया गया है। उन्होंने अपने पति की स्मृति को समाजोपयोगी कार्यों के माध्यम से जीवित रखने का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रस्तावित गुरुकुल भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, लेकिन इसका निर्माण पूरी तरह से प्राचीन भारतीय प्राकृतिक पद्धति के अनुसार किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति दोनों का समन्वय सुनिश्चित हो सके।गुरुकुल में विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ समग्र शिक्षा प्रदान की जाएगी। यहां किसी भी वर्ग या जाति के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा, जिससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा। शिक्षा प्रणाली में आधुनिक विषयों के साथ-साथ प्राच्य विद्या का विशेष समावेश किया जाएगा। विद्यार्थियों को वेद, पुराण, ज्योतिष, संस्कृत और विभिन्न धर्मग्रंथों का गहन अध्ययन कराया जाएगा, ताकि वे भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें।इसके साथ ही, गुरुकुल में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वनांचलीय सिद्ध विद्याओं की भी शिक्षा दी जाएगी, जो स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गौपालन, जैविक कृषि और आयुर्वेद चिकित्सा का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे शिक्षा के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशल भी सीख सकें।
इस गुरुकुल को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। इसके अंतर्गत संस्कृत विद्या मंडलम के साथ-साथ उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्धता लेने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे यहां की शिक्षा गुणवत्ता और अधिक सुदृढ़ हो सके।
कार्यक्रम के दौरान गौशाला के अध्यक्ष दीपक लखोटिया सहित सुबोध राठी, नरेंद्र जायसवाल, हेमराज सोनी, अमित अग्रवाल, योगेश साहू, सत्यनारायण राठी, लक्खू भाई भानुशाली, नवीन सोनी, कौशल गंगबेर सहित अनेक गणमान्य नागरिक और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण कदम बताया।
यह गुरुकुल आने वाले समय में न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण आधार भी सिद्ध होगा।