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उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर सख्ती: 9 केन्द्रों में विक्रय प्रतिबंध, कई को कारण बताओ नोटिस

धमतरी-जिले में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर बिक्री एवं अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग की टीम द्वारा जिलेभर में उर्वरक विक्रय केन्द्रों का सघन एवं औचक निरीक्षण लगातार जारी है।

उप संचालक कृषि एवं उर्वरक निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने निजी उर्वरक विक्रय संस्थानों में छापेमार कार्रवाई करते हुए भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान पॉश मशीन में दर्ज स्टॉक एवं वास्तविक उपलब्ध उर्वरक में अंतर पाए जाने, स्टॉक रजिस्टर का सही संधारण नहीं होने तथा अन्य अनियमितताओं के कारण कड़ी कार्रवाई की गई।
इस दौरान मेसर्स राजेश ट्रेडर्स धमतरी, कृषक साथी धमतरी, राज इंटरप्राइजेस अर्जुनी, श्री श्याम ट्रेडर्स श्यामतराई, महेन्द्र ट्रेडर्स नगरी, जय किसान ट्रेडर्स नगरी, किसान संगवारी बोरसी मगरलोड, साक्षी कृषि केन्द्र परसवानी तथा मानिक ट्रेडर्स मगरलोड सहित कुल 9 उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है।इसी क्रम में विकासखंड मगरलोड, कुरूद एवं धमतरी के विभिन्न उर्वरक विक्रय केन्द्रों में निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर मेसर्स छत्तीसगढ़ खाद भण्डार सांकरा, प्रेम कृषि केन्द्र मगरलोड, किसान ट्रेडर्स कुरूद, देवांगन कृषि केन्द्र कोकड़ी, कुणाल कृषि केन्द्र कोलियारी एवं देवांगन ट्रेडर्स रत्नाबांधा को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण सहित कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।कृषकों की सुविधा के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां उर्वरक से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। साथ ही मैदानी स्तर पर उर्वरक निरीक्षक दलों की तैनाती कर निरंतर निगरानी एवं औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें, निर्धारित दर से अधिक भुगतान न करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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