बेटी जन्म है सौभाग्य की बात:कोसरे परिवार ने बेटी के जन्म के बाद बाजे गाजे, आतिशबाजी के साथ परिवार व मित्रगण नाचते-गाते,झूमते हुए बेटी को घर ले गए घर

एक ऒर जहां कुछ ऐसे लोग होते है जो बेटियों को बोझ समझते है उनके जन्म को अपना दुर्भाग्य मानते है लेकिन समाज मे कुछ ऐसे भी लोग है जो बेटियों के जन्म को अपना सौभाग्य मानते है.
ऐसा ही एक वाक्या धमतरी शहर मे हुआ जहां एक परिवार ने बेटी के जन्म होने पर धूम धड़ाके के साथ उनका स्वागत किया और बाजे गाजे आतिशबाजी से स्वागत करते हुए अस्पताल से बेटी को घर ले गए. बता दे कि महंत घासीदास वार्ड निवासी रुपेश चंदन लहरे की पत्नी झामीन को एक अप्रैल को रात्रि 12.40 को बठेना अस्पताल मे बेटी हुई. जिसके पश्चात् परिवार मे खुशी की लहर दौड़ गई सभी बेटी का स्वागत अनोखे और भव्य तरीके से करना चाह रहे थे. जिस पर आज सोमवार की शाम अस्पताल से छुट्टी होने पर बाजे गाजे आतिशबाजी के साथ परिवार व मित्र गण नाचते गाते झूमते हुए बेटी को घर ले गए. कोसरे परिवार की इस सोच की चाहुओर सराहना हो रही है.
