सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है- डॉ दीक्षित
एकदिवसीय राष्ट्रीय सहकारिता नीति पर कार्यशाला आयोजित

धमतरी। विकासखंड नगरी के क्षेत्रांतर्गत नवीन पंजीकृत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति टांगापानी में जिला सहकारी संघ धमतरी द्वारा 21 अप्रैल को लैंप्स परिसर में एकदिवसीय राष्ट्रीय सहकारिता नीति पर कार्यशाला ग्राम पंचायत टांगापानी के सरपंच यशवंत मंडावी, पूर्व सरपंच गणेशिया बाई मरकाम, ग्राम पंचायत भड़सिवना के वरिष्ठ कृषक मुन्नालाल दर्रो, प्रवक्ता डॉक्टर ए एन दीक्षित की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दर्रो ने कहा कि लंबे समय से हम समिति की मांग कर रहे थे। समिति की स्थापना से क्षेत्र के कृषक हर्षित है। गणेशिया बाई ने कहा कि नवगठित समिति में इस प्रकार का प्रशिक्षण सत्र कृषको एवं कर्मचारियों के लिए लाभप्रद होगा। समिति के गठन के बाद कृषकों की समस्याएं कम होगी। श्री मंडावी ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद हमें नवीन समिति का अवसर मिला है, हमें इस समिति को उन्नत आदर्श समिति बनाना होगा। उन्होंने कहा कि गांव में जिला सहकारी बैंक की शाखा बहुत जरूरी है, ताकि कृषकों को अधिक लाभ मिल सके।प्रवक्ता डॉक्टर दीक्षित ने कहा कि किसी भी कार्य में निश्चित सफलता हेतु एक सुविचारित नीति एवं योजना की आवश्यकता होती है। जब हमने 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया तभी हमने अपनी अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने हेतु कृषि, उद्योग, व्यापार, यातायात, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी सभी क्षेत्रों में सुधार हेतु अपनी नीति में सुधार करना प्रारंभ किया। सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जीवंत बनाने एवं सहकार से समृद्धि को कामयाब बनाने हेतु केंद्र सरकार ने 2002 की पुरानी सहकारिता नीति को अप्रासंगिक पाया और 2025 में नई सहकारिता नीति को अंगीकार किया। वर्ष 2025 की यह नई सहकारिता नीति जहां एक ओर सहकारी संस्थाओं के वर्तमान स्वरूप को अधिक उत्पादक और जीवंत बनाने की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भी सहकारी संस्थाओं को तैयार करने का प्रोग्राम बनाती है। कार्यक्रम का संचालन संघ प्रबंधक ए पी गुप्ता एवं आभार प्रदर्शन लैंप्स टांगापानी प्रबंधक डिकेश साहू ने किया।
